देवास शहर की 19 पानी टंकियों की सफाई शुरू:पार्षद प्रतिनिधि ने मटमैले पानी पर उठाए सवाल, लगाए गंभीर आरोप

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद देवास नगर निगम शहर में शुद्ध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हो गया है। निगम द्वारा देवास की 19 बड़ी पानी की टंकियों की लगातार सफाई की जा रही है, जो विभिन्न वार्डों में स्थित हैं। शहरवासियों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे, इसके लिए नगर निगम पूरी तरह मुस्तैद है। निगम की टीमें पाइपलाइन की जांच कर रही हैं और पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कर रही हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिक बिना किसी परेशानी के नल के पानी का उपयोग कर सकें। इसी क्रम में, वार्ड क्रमांक 19 के रामचंद्र नगर में निगम की टीम ने घर-घर जाकर पानी की स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान, नंदा नगर क्षेत्र में सीवरेज लाइन फूटने की शिकायत मिली थी। निगम की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सीवरेज लाइन के लीकेज को ठीक किया। जांच में पाया गया कि नर्मदा पाइपलाइन सुरक्षित थी और उसमें कोई लीकेज नहीं था। वार्ड क्रमांक 17 में भी निगम की टीम ने नलों से आ रहे पानी की जांच की और निवासियों से बात की। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें साफ पानी मिल रहा है और उसमें किसी तरह की गंदगी या बदबू नहीं है। विजयनगर की टंकी से निकला मटमैला पानी हालांकि, देवास के विजयनगर क्षेत्र में रविवार को नगर निगम द्वारा पानी की टंकी की सफाई के दौरान काफी मटमैला पानी निकलता दिखा। इस पर पार्षद प्रतिनिधि राहुल पवार ने सवाल उठाए। राहुल पवार ने आरोप लगाया कि वार्ड की जनता लंबे समय से यह पानी पी रही है, जिससे उन्हें कई बीमारियां होने की आशंका है। मामले में महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने बताया कि देवास में सबसे पहले मैंने सभी अधिकारियों और वार्ड स्तर के सभी सुपरवाईजरों की मिटिंग लेकर प्रत्येक वार्ड की जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। चार से पांच वार्डों में हमें गंदे पानी की जानकारी मिली थी। वहां तत्काल निराकरण की बात कही थी। उसी बैठक में मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन 19 टंकियों से देवास में जलप्रदाय होता है। उनकी सभी की सफाई की जाए और उनकी रिपोर्ट फोटो के साथ अपडेट करे। लगातार महापौर के साथ हमने टंकियों का निरीक्षण भी किया था। देवास में अच्छा जलप्रदाय हो रहा है।

देवास शहर की 19 पानी टंकियों की सफाई शुरू:पार्षद प्रतिनिधि ने मटमैले पानी पर उठाए सवाल, लगाए गंभीर आरोप
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद देवास नगर निगम शहर में शुद्ध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हो गया है। निगम द्वारा देवास की 19 बड़ी पानी की टंकियों की लगातार सफाई की जा रही है, जो विभिन्न वार्डों में स्थित हैं। शहरवासियों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे, इसके लिए नगर निगम पूरी तरह मुस्तैद है। निगम की टीमें पाइपलाइन की जांच कर रही हैं और पानी के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कर रही हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिक बिना किसी परेशानी के नल के पानी का उपयोग कर सकें। इसी क्रम में, वार्ड क्रमांक 19 के रामचंद्र नगर में निगम की टीम ने घर-घर जाकर पानी की स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान, नंदा नगर क्षेत्र में सीवरेज लाइन फूटने की शिकायत मिली थी। निगम की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सीवरेज लाइन के लीकेज को ठीक किया। जांच में पाया गया कि नर्मदा पाइपलाइन सुरक्षित थी और उसमें कोई लीकेज नहीं था। वार्ड क्रमांक 17 में भी निगम की टीम ने नलों से आ रहे पानी की जांच की और निवासियों से बात की। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें साफ पानी मिल रहा है और उसमें किसी तरह की गंदगी या बदबू नहीं है। विजयनगर की टंकी से निकला मटमैला पानी हालांकि, देवास के विजयनगर क्षेत्र में रविवार को नगर निगम द्वारा पानी की टंकी की सफाई के दौरान काफी मटमैला पानी निकलता दिखा। इस पर पार्षद प्रतिनिधि राहुल पवार ने सवाल उठाए। राहुल पवार ने आरोप लगाया कि वार्ड की जनता लंबे समय से यह पानी पी रही है, जिससे उन्हें कई बीमारियां होने की आशंका है। मामले में महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल ने बताया कि देवास में सबसे पहले मैंने सभी अधिकारियों और वार्ड स्तर के सभी सुपरवाईजरों की मिटिंग लेकर प्रत्येक वार्ड की जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। चार से पांच वार्डों में हमें गंदे पानी की जानकारी मिली थी। वहां तत्काल निराकरण की बात कही थी। उसी बैठक में मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन 19 टंकियों से देवास में जलप्रदाय होता है। उनकी सभी की सफाई की जाए और उनकी रिपोर्ट फोटो के साथ अपडेट करे। लगातार महापौर के साथ हमने टंकियों का निरीक्षण भी किया था। देवास में अच्छा जलप्रदाय हो रहा है।