संयुक्त खाते की जमीन पर अवैध निर्माण, शिकायत के बाद भी काम जारी

पीडि़ता ने अफसरों पर पक्षपात और प्रताडऩा के आरोप लगाए छत्तीसगढ़ संवाददाता गरियाबंद, 17 फरवरी। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 01 में स्थित एक संयुक्त खाते की भूमि पर निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। आवेदिका ने नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों पर पक्षपात और प्रताडऩा के आरोप लगाए हैं। मामले के संबंध में दी गई जानकारी के अनुसार, ग्राम जबड़ापारा, तहसील सरकंडा, जिला बिलासपुर निवासी सुनिधि गुप्ते (पिता सुधीर गुप्ते) ने बताया कि गरियाबंद स्थित खसरा नंबर 55/1, रकबा 0.1640 हेक्टेयर, संयुक्त खाते की भूमि है। उनके अनुसार, सहखातेदार जितेंद्र उपाध्याय (पिता स्व. मनोहर राव) द्वारा बिना उनकी सहमति और भवन अनुज्ञा के निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आवेदिका का कहना है कि निर्माण कार्य की शुरुआत से ही उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। नींव खनन के समय से लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहा। 28 अक्टूबर 2025 के पटवारी प्रतिवेदन और पंचनामा के आधार पर 19 जनवरी 2026 को तहसीलदार, गरियाबंद द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया। आवेदिका के अनुसार, इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं रुका और अब भवन का लेंटर डाला जा चुका है। पटवारी प्रतिवेदन के अनुसार, उक्त भूमि संयुक्त खाते की व्यपवर्तित भूमि है, जिसमें जितेंद्र उपाध्याय, माधुरी उपाध्याय, सुनिधि गुप्ते और साक्षी गुप्ते के नाम दर्ज हैं। सुनिधि गुप्ते का कहना है कि भवन अनुज्ञा संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्व. मनोहर राव उपाध्याय का मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। आवेदिका ने बताया कि भूमि से संबंधित मामला तहसील न्यायालय गरियाबंद तथा व्यवहार न्यायालय गरियाबंद में विचाराधीन है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने पर उन्होंने उच्च स्तर पर शिकायत करने की बात कही है। इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी संध्या वर्मा ने बताया कि संबंधित पक्षों को अब तक तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह चौथा नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संयुक्त खाते की जमीन पर अवैध निर्माण, शिकायत के बाद भी काम जारी
पीडि़ता ने अफसरों पर पक्षपात और प्रताडऩा के आरोप लगाए छत्तीसगढ़ संवाददाता गरियाबंद, 17 फरवरी। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 01 में स्थित एक संयुक्त खाते की भूमि पर निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। आवेदिका ने नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों पर पक्षपात और प्रताडऩा के आरोप लगाए हैं। मामले के संबंध में दी गई जानकारी के अनुसार, ग्राम जबड़ापारा, तहसील सरकंडा, जिला बिलासपुर निवासी सुनिधि गुप्ते (पिता सुधीर गुप्ते) ने बताया कि गरियाबंद स्थित खसरा नंबर 55/1, रकबा 0.1640 हेक्टेयर, संयुक्त खाते की भूमि है। उनके अनुसार, सहखातेदार जितेंद्र उपाध्याय (पिता स्व. मनोहर राव) द्वारा बिना उनकी सहमति और भवन अनुज्ञा के निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आवेदिका का कहना है कि निर्माण कार्य की शुरुआत से ही उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। नींव खनन के समय से लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन निर्माण कार्य जारी रहा। 28 अक्टूबर 2025 के पटवारी प्रतिवेदन और पंचनामा के आधार पर 19 जनवरी 2026 को तहसीलदार, गरियाबंद द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया। आवेदिका के अनुसार, इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं रुका और अब भवन का लेंटर डाला जा चुका है। पटवारी प्रतिवेदन के अनुसार, उक्त भूमि संयुक्त खाते की व्यपवर्तित भूमि है, जिसमें जितेंद्र उपाध्याय, माधुरी उपाध्याय, सुनिधि गुप्ते और साक्षी गुप्ते के नाम दर्ज हैं। सुनिधि गुप्ते का कहना है कि भवन अनुज्ञा संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्हें सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्व. मनोहर राव उपाध्याय का मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। आवेदिका ने बताया कि भूमि से संबंधित मामला तहसील न्यायालय गरियाबंद तथा व्यवहार न्यायालय गरियाबंद में विचाराधीन है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने पर उन्होंने उच्च स्तर पर शिकायत करने की बात कही है। इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी संध्या वर्मा ने बताया कि संबंधित पक्षों को अब तक तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह चौथा नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।