युवती का अपहरण कर रेप, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ संवाददाता रायगढ़, 22 जून। थाना घरघोड़ा पुलिस ने अपहरण, रेप एवं एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के गंभीर मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। मामले में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। मिली जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय पीडि़ता ने 31 मई को थाना घरघोड़ा में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह विशेष वर्ग से संबंधित है। करीब एक वर्ष पूर्व उसकी पहचान ग्राम पुसल्दा निवासी ललित लोहार से हुई थी, जो स्थानीय फ्लाई ऐश ब्रिक्स भ_े में कार्य करता था। आरोपी ने पीडि़ता को विवाह का झांसा देकर विश्वास में लिया और उसके बाद लगातार दबाव एवं धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। रिपोर्ट में पीडि़ता ने बताया कि होली के कुछ दिनों बाद 8 मार्च को आरोपी ने गांव के एक बाड़ी क्षेत्र में उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाया तथा घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी लगातार उसे डरा-धमकाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। आरोपी विवाह नहीं करने पर उसे जबरन उठा ले जाने की धमकी भी देता था। पीडि़ता ने बताया कि 11 मई की रात लगभग 11 बजे आरोपी उसके घर पहुंचा और बाहर बुलाकर जबरन मोटरसाइकिल में बैठाकर रायगढ़ ले गया, जहां उसके माता-पिता किराये के मकान में रहते थे। आरोपी के माता-पिता द्वारा युवती को घर छोडऩे की समझाइश दिए जाने के बावजूद आरोपी ने उसे अपने साथ रखा और एक सप्ताह तक डरा-धमकाकर शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में आरोपी उसे ओडिशा स्थित अपनी नानी के घर भी ले गया, जहां उसने युवती को अपनी पत्नी बताकर परिचय कराया। ओडिशा में रहने के दौरान पीडि़ता ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से अपने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद 28 मई को परिजन वहां पहुंचे और उसे वापस घर लेकर आए। घर लौटने के बाद भी आरोपी लगातार उसे पुन: उठा ले जाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता रहा, जिसके कारण पीडि़ता भयवश तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकी। पीडि़ता की रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में धारा 64(2)(ड), 127(4), 140(3), 351(3) बीएनएस एवं धारा 3(2)(अ) एससी एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीडि़ता के कथनों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं। विवेचना के दौरान थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू को आरोपी की मौजूदगी संबंधी सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश देकर आरोपी ललित लोहार उर्फ ललित अगरिया को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी की वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

युवती का अपहरण कर रेप, आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ संवाददाता रायगढ़, 22 जून। थाना घरघोड़ा पुलिस ने अपहरण, रेप एवं एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के गंभीर मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। मामले में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। मिली जानकारी के अनुसार 19 वर्षीय पीडि़ता ने 31 मई को थाना घरघोड़ा में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह विशेष वर्ग से संबंधित है। करीब एक वर्ष पूर्व उसकी पहचान ग्राम पुसल्दा निवासी ललित लोहार से हुई थी, जो स्थानीय फ्लाई ऐश ब्रिक्स भ_े में कार्य करता था। आरोपी ने पीडि़ता को विवाह का झांसा देकर विश्वास में लिया और उसके बाद लगातार दबाव एवं धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। रिपोर्ट में पीडि़ता ने बताया कि होली के कुछ दिनों बाद 8 मार्च को आरोपी ने गांव के एक बाड़ी क्षेत्र में उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाया तथा घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी लगातार उसे डरा-धमकाकर कई बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। आरोपी विवाह नहीं करने पर उसे जबरन उठा ले जाने की धमकी भी देता था। पीडि़ता ने बताया कि 11 मई की रात लगभग 11 बजे आरोपी उसके घर पहुंचा और बाहर बुलाकर जबरन मोटरसाइकिल में बैठाकर रायगढ़ ले गया, जहां उसके माता-पिता किराये के मकान में रहते थे। आरोपी के माता-पिता द्वारा युवती को घर छोडऩे की समझाइश दिए जाने के बावजूद आरोपी ने उसे अपने साथ रखा और एक सप्ताह तक डरा-धमकाकर शारीरिक शोषण करता रहा। बाद में आरोपी उसे ओडिशा स्थित अपनी नानी के घर भी ले गया, जहां उसने युवती को अपनी पत्नी बताकर परिचय कराया। ओडिशा में रहने के दौरान पीडि़ता ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से अपने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद 28 मई को परिजन वहां पहुंचे और उसे वापस घर लेकर आए। घर लौटने के बाद भी आरोपी लगातार उसे पुन: उठा ले जाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता रहा, जिसके कारण पीडि़ता भयवश तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकी। पीडि़ता की रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में धारा 64(2)(ड), 127(4), 140(3), 351(3) बीएनएस एवं धारा 3(2)(अ) एससी एसटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीडि़ता के कथनों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की गंभीरता को देखते हुए एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं। विवेचना के दौरान थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू को आरोपी की मौजूदगी संबंधी सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश देकर आरोपी ललित लोहार उर्फ ललित अगरिया को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी की वैधानिक कार्रवाई पूर्ण कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।