शिवाजी मार्केट के व्यापारी विस्थापन के विरोध में:महापौर से बोले- शहर के किसी भी कोने में भेज दें पर ग्राउंड फ्लोर की दुकानें चाहिए
शिवाजी मार्केट के व्यापारी विस्थापन के विरोध में:महापौर से बोले- शहर के किसी भी कोने में भेज दें पर ग्राउंड फ्लोर की दुकानें चाहिए
शिवाजी मार्केट के व्यापारियों का विस्थापन विवादों में आ गया है। नगर निगम के सामने रिवर साइड पर बने 126 दुकानों वाले इस मार्केट को अब नंदलाल पुरा सब्जी मार्केट के पास शिफ्ट किया जाना है। निगम ने इसका प्रस्ताव काफी पहले ही बना लिया था। यहां शिफ्ट होने के लिए अब व्यापारियों को आखिरी मोहलत भी दे दी है। इससे व्यापारी परेशान हैं। इनका कहना है कि हमें खिलौना बनाकर रखा है। पहले हमें 30 सालों में राजवाड़ा, फिर रेलवे स्टेशन से शिवाजी मार्केट शिफ्ट किया गया। अब यहां से चौथी जगह ले जा रहे हैं। शिवाजी मार्केट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय केथुनिया ने कहा कि जिस जगह हमें शिफ्ट किया जा रहा है वहां मार्केट तीन-चार मंजिला है। हमारी कपड़े, बेल्ट, मछली दाना, खिलौने, बैग, रेडीमेड गारमेंट, पक्षियों के पिंजरे जैसे सामानों की दुकानें हैं। इन दुकानों को यदि पहली, दूसरी या तीसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया तो वहां हमे दुकान बंद करने की नौबत आ जाएगी। सचिव गयूर खान ने बताया कि हमारी दुकानों के पीछे कान्ह नदी की गंदगी बहती है। लेकिन दुकानों की आड़ में दिखाई नहीं देती। नगर निगम के पास नदी के प्रोजेक्ट को डेवलप करने के लिए कोई योजना नहीं है। अफसर हमें किसी भी हालत में यहां से शिफ्ट करने पर तुले हैं, इससे कोई प्रोजेक्ट सफल नहीं होने वाला है, हमारा नुकसान जरूर हो जाएगा। नोटिस में लिखा 3 फरवरी को होगी लॉटरी पर इसे कुछ दिन टाला नगर निगम के मार्केट विभाग के उपायुक्त ने इस संबंध में व्यापारियों को पत्र जारी किया है। 30 जनवरी को जारी इस पत्र में कहा गया है कि 3 फरवरी को लॉटरी पद्धति से दुकानों का वितरण किया जाएगा। यह दुकानें रिवर साइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत हटाई जाना है। इसलिए इन्हें नंदलाल पुरा स्थित कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया जाना है। व्यापारियों का कहना है कि 3 फरवरी को नगर निगम ने एआईसीटीएसएल के सभागृह में दोपहर 2 से 4 बजे तक लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाना थी, लेकिन वहां केवल पांच या छह ही व्यापारी पहुंचे। बाकी सभी व्यापारी इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के चलते सभी ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से भी चर्चा की, लेकिन उन्होंने हमें सात दिन बाद बुलाया है। तब तक हमें कोई दूसरा विचार करने का ऑप्शन नहीं दिया है।
शिवाजी मार्केट के व्यापारियों का विस्थापन विवादों में आ गया है। नगर निगम के सामने रिवर साइड पर बने 126 दुकानों वाले इस मार्केट को अब नंदलाल पुरा सब्जी मार्केट के पास शिफ्ट किया जाना है। निगम ने इसका प्रस्ताव काफी पहले ही बना लिया था। यहां शिफ्ट होने के लिए अब व्यापारियों को आखिरी मोहलत भी दे दी है। इससे व्यापारी परेशान हैं। इनका कहना है कि हमें खिलौना बनाकर रखा है। पहले हमें 30 सालों में राजवाड़ा, फिर रेलवे स्टेशन से शिवाजी मार्केट शिफ्ट किया गया। अब यहां से चौथी जगह ले जा रहे हैं। शिवाजी मार्केट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय केथुनिया ने कहा कि जिस जगह हमें शिफ्ट किया जा रहा है वहां मार्केट तीन-चार मंजिला है। हमारी कपड़े, बेल्ट, मछली दाना, खिलौने, बैग, रेडीमेड गारमेंट, पक्षियों के पिंजरे जैसे सामानों की दुकानें हैं। इन दुकानों को यदि पहली, दूसरी या तीसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया तो वहां हमे दुकान बंद करने की नौबत आ जाएगी। सचिव गयूर खान ने बताया कि हमारी दुकानों के पीछे कान्ह नदी की गंदगी बहती है। लेकिन दुकानों की आड़ में दिखाई नहीं देती। नगर निगम के पास नदी के प्रोजेक्ट को डेवलप करने के लिए कोई योजना नहीं है। अफसर हमें किसी भी हालत में यहां से शिफ्ट करने पर तुले हैं, इससे कोई प्रोजेक्ट सफल नहीं होने वाला है, हमारा नुकसान जरूर हो जाएगा। नोटिस में लिखा 3 फरवरी को होगी लॉटरी पर इसे कुछ दिन टाला नगर निगम के मार्केट विभाग के उपायुक्त ने इस संबंध में व्यापारियों को पत्र जारी किया है। 30 जनवरी को जारी इस पत्र में कहा गया है कि 3 फरवरी को लॉटरी पद्धति से दुकानों का वितरण किया जाएगा। यह दुकानें रिवर साइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत हटाई जाना है। इसलिए इन्हें नंदलाल पुरा स्थित कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया जाना है। व्यापारियों का कहना है कि 3 फरवरी को नगर निगम ने एआईसीटीएसएल के सभागृह में दोपहर 2 से 4 बजे तक लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाना थी, लेकिन वहां केवल पांच या छह ही व्यापारी पहुंचे। बाकी सभी व्यापारी इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के चलते सभी ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से भी चर्चा की, लेकिन उन्होंने हमें सात दिन बाद बुलाया है। तब तक हमें कोई दूसरा विचार करने का ऑप्शन नहीं दिया है।