नर्मदा महोत्सव पर घाट के दक्षिणी तट पर हुई महाआरती:लेजर लाइट शो से दिखाई मां की कहानी, शहडोल संभाग की कमिश्नर और कलेक्टर ने की पूजा
नर्मदा महोत्सव पर घाट के दक्षिणी तट पर हुई महाआरती:लेजर लाइट शो से दिखाई मां की कहानी, शहडोल संभाग की कमिश्नर और कलेक्टर ने की पूजा
अमरकंटक में नर्मदा महोत्सव का तीसरा दिन आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति से परिपूर्ण रहा। नर्मदा घाट के दक्षिणी तट पर आयोजित विशेष महाआरती में कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता और कलेक्टर हर्षल पंचोली ने पुरोहितों के साथ विधि-विधान से पूजा की। स्वास्तिवाचन और नर्मदाष्टकम् से गूंज उठा वातावरण महाआरती के दौरान पवित्र स्वास्तिवाचन, "हर-हर नर्मदे" के जयघोष और नर्मदाष्टकम् के श्लोकों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने दीपों की रोशनी, घंटियों की आवाज और शंखनाद के बीच इस दिव्य क्षण का साक्षी बनकर अपार श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लेजर लाइट शो रहा, जिसमें मां नर्मदा के उद्गम की पौराणिक कथा को रोचक और भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया। शो में दर्शाया गया कि कैसे भगवान शंकर ने मैकल पर्वत पर 84 हजार वर्षों की कठोर तपस्या की और उनके कंठ से गिरी अमृत की बूंद से मां नर्मदा का अवतरण हुआ। साधु-संतों और पुजारियों का शाल-श्रीफल से सम्मान समारोह में उपस्थित साधु-संतों और पुजारियों का शाल और श्रीफल से विशेष सम्मान किया गया। साधु-संतों ने इस भव्य आयोजन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनता का आभार जताया। यह कार्यक्रम आस्था, भक्ति और अध्यात्म का एक अनूठा संगम बन गया, जिसने सभी श्रद्धालुओं को एक अविस्मरणीय अनुभव दिया। देखे कार्यक्रम की तस्वीर
अमरकंटक में नर्मदा महोत्सव का तीसरा दिन आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति से परिपूर्ण रहा। नर्मदा घाट के दक्षिणी तट पर आयोजित विशेष महाआरती में कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, शहडोल संभाग की कमिश्नर सुरभि गुप्ता और कलेक्टर हर्षल पंचोली ने पुरोहितों के साथ विधि-विधान से पूजा की। स्वास्तिवाचन और नर्मदाष्टकम् से गूंज उठा वातावरण महाआरती के दौरान पवित्र स्वास्तिवाचन, "हर-हर नर्मदे" के जयघोष और नर्मदाष्टकम् के श्लोकों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने दीपों की रोशनी, घंटियों की आवाज और शंखनाद के बीच इस दिव्य क्षण का साक्षी बनकर अपार श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लेजर लाइट शो रहा, जिसमें मां नर्मदा के उद्गम की पौराणिक कथा को रोचक और भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया। शो में दर्शाया गया कि कैसे भगवान शंकर ने मैकल पर्वत पर 84 हजार वर्षों की कठोर तपस्या की और उनके कंठ से गिरी अमृत की बूंद से मां नर्मदा का अवतरण हुआ। साधु-संतों और पुजारियों का शाल-श्रीफल से सम्मान समारोह में उपस्थित साधु-संतों और पुजारियों का शाल और श्रीफल से विशेष सम्मान किया गया। साधु-संतों ने इस भव्य आयोजन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनता का आभार जताया। यह कार्यक्रम आस्था, भक्ति और अध्यात्म का एक अनूठा संगम बन गया, जिसने सभी श्रद्धालुओं को एक अविस्मरणीय अनुभव दिया। देखे कार्यक्रम की तस्वीर