धार पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के 4.72 लाख रुपए लौटाए:साइबर सेल की मदद से वापस मिली राशि

धार कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने बुधवार को ऑनलाइन निवेश ठगी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पीड़ित के 4 लाख 72 हजार रुपए सुरक्षित कर कोर्ट की प्रक्रिया के बाद उसके खाते में वापस दिलाए। कोतवाली पुलिस के अनुसार, फरियादी जावेद पिता जहीर, निवासी राजेंद्र मार्ग धार, पूर्व में सऊदी अरब में कार्यरत थे। भारत लौटने के बाद धार में रोजगार की तलाश के दौरान, उन्हें एक परिचित ने 'सार वेव सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी में निवेश कर काम करने और मासिक आय प्राप्त करने का प्रस्ताव दिया। जावेद ने कंपनी के झांसे में आकर 5 लाख 7 हजार रुपए का निवेश किया। उन्होंने कंपनी के निर्देशानुसार किताबें स्कैन कर पीडीएफ तैयार कर हेड ऑफिस भेजना शुरू किया। हालांकि, कुछ समय बाद कंपनी अचानक बंद हो गई और कंपनी से जुड़े अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी बंद आने लगे, जिससे फरियादी को ठगी का एहसास हुआ। खातों को होल्ड कर बचाई राशि फरियादी ने 2 दिसंबर 2025 को धार साइबर सेल में एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान, कोतवाली पुलिस ने पाया कि निवेश की गई राशि कंपनी के नाम से संचालित खाते में जमा की गई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों को होल्ड करा दिया, जिससे 4 लाख 72 हजार रुपए सुरक्षित किए जा सके। कोतवाली पुलिस ने फरियादी को होल्ड की गई राशि वापस दिलाने के लिए धार कोर्ट में सुपुर्दगी की प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी। न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद, संबंधित बैंकों को आदेश भेजे गए, जिसके परिणामस्वरूप होल्ड की गई पूरी राशि फरियादी के खाते में वापस जमा करा दी गई।

धार पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के 4.72 लाख रुपए लौटाए:साइबर सेल की मदद से वापस मिली राशि
धार कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने बुधवार को ऑनलाइन निवेश ठगी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पीड़ित के 4 लाख 72 हजार रुपए सुरक्षित कर कोर्ट की प्रक्रिया के बाद उसके खाते में वापस दिलाए। कोतवाली पुलिस के अनुसार, फरियादी जावेद पिता जहीर, निवासी राजेंद्र मार्ग धार, पूर्व में सऊदी अरब में कार्यरत थे। भारत लौटने के बाद धार में रोजगार की तलाश के दौरान, उन्हें एक परिचित ने 'सार वेव सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी में निवेश कर काम करने और मासिक आय प्राप्त करने का प्रस्ताव दिया। जावेद ने कंपनी के झांसे में आकर 5 लाख 7 हजार रुपए का निवेश किया। उन्होंने कंपनी के निर्देशानुसार किताबें स्कैन कर पीडीएफ तैयार कर हेड ऑफिस भेजना शुरू किया। हालांकि, कुछ समय बाद कंपनी अचानक बंद हो गई और कंपनी से जुड़े अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी बंद आने लगे, जिससे फरियादी को ठगी का एहसास हुआ। खातों को होल्ड कर बचाई राशि फरियादी ने 2 दिसंबर 2025 को धार साइबर सेल में एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान, कोतवाली पुलिस ने पाया कि निवेश की गई राशि कंपनी के नाम से संचालित खाते में जमा की गई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों को होल्ड करा दिया, जिससे 4 लाख 72 हजार रुपए सुरक्षित किए जा सके। कोतवाली पुलिस ने फरियादी को होल्ड की गई राशि वापस दिलाने के लिए धार कोर्ट में सुपुर्दगी की प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी। न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद, संबंधित बैंकों को आदेश भेजे गए, जिसके परिणामस्वरूप होल्ड की गई पूरी राशि फरियादी के खाते में वापस जमा करा दी गई।