कड़ाके की ठंड से अस्पतालों में सर्दी-बुखार के मरीज बढ़े:बीएमओ ने लोगों को घर से कम निकलने की दी हिदायत; बच्चों-बुजुर्गों के लिए अलर्ट
कड़ाके की ठंड से अस्पतालों में सर्दी-बुखार के मरीज बढ़े:बीएमओ ने लोगों को घर से कम निकलने की दी हिदायत; बच्चों-बुजुर्गों के लिए अलर्ट
दिसंबर के अंतिम हफ्ते में क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। स्थिति को देखते हुए, नईगढ़ी के बीएमओ डॉ. आर. के. पाठक ने आमजन से सतर्कता बरतने और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है। बीएमओ डॉ. आरके पाठक ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से ठंड में अत्यधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने लोगों को अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी। विशेषकर बुजुर्गों को सुबह जल्दी उठने से बचने और धूप निकलने के बाद ही दैनिक कार्यों को करने की सलाह दी गई है। ठंड से बचाव को लेकर स्वास्थ्य सलाह दी डॉ. पाठक ने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, रात में अलाव का उपयोग करने और ताजा व पौष्टिक भोजन का सेवन करने का सुझाव दिया। उन्होंने शराब और गांजा सहित किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की भी सलाह दी, क्योंकि नशा स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। वहीं, मेडिकल ऑफिसर शुमन गुप्ता ने बच्चों की विशेष देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस समय ठंड अपने चरम पर है, इसलिए छोटे बच्चों को गर्म वातावरण में रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घरों में हीटर या अन्य सुरक्षित साधनों से कमरे का तापमान संतुलित बनाए रखने की सलाह दी गई है। जिनके पास हीटर नहीं हैं, वे सुरक्षित तरीके से कोयले का उपयोग भी कर सकते हैं। ठंड में बच्चों की सेहत पर नजर रखने की अपील डॉ. गुप्ता ने अभिभावकों को बच्चों के हाथ-पैर छूकर उनके शरीर का तापमान नियमित रूप से जांचते रहने को कहा, ताकि ठंड या बुखार का समय रहते पता चल सके। इससे निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाव संभव हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वस्त किया है कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त हीटिंग संसाधन उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव उपचार प्रदान किया जा रहा है।
दिसंबर के अंतिम हफ्ते में क्षेत्र में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। स्थिति को देखते हुए, नईगढ़ी के बीएमओ डॉ. आर. के. पाठक ने आमजन से सतर्कता बरतने और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है। बीएमओ डॉ. आरके पाठक ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से ठंड में अत्यधिक वृद्धि हुई है। उन्होंने लोगों को अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी। विशेषकर बुजुर्गों को सुबह जल्दी उठने से बचने और धूप निकलने के बाद ही दैनिक कार्यों को करने की सलाह दी गई है। ठंड से बचाव को लेकर स्वास्थ्य सलाह दी डॉ. पाठक ने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, रात में अलाव का उपयोग करने और ताजा व पौष्टिक भोजन का सेवन करने का सुझाव दिया। उन्होंने शराब और गांजा सहित किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की भी सलाह दी, क्योंकि नशा स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। वहीं, मेडिकल ऑफिसर शुमन गुप्ता ने बच्चों की विशेष देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस समय ठंड अपने चरम पर है, इसलिए छोटे बच्चों को गर्म वातावरण में रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घरों में हीटर या अन्य सुरक्षित साधनों से कमरे का तापमान संतुलित बनाए रखने की सलाह दी गई है। जिनके पास हीटर नहीं हैं, वे सुरक्षित तरीके से कोयले का उपयोग भी कर सकते हैं। ठंड में बच्चों की सेहत पर नजर रखने की अपील डॉ. गुप्ता ने अभिभावकों को बच्चों के हाथ-पैर छूकर उनके शरीर का तापमान नियमित रूप से जांचते रहने को कहा, ताकि ठंड या बुखार का समय रहते पता चल सके। इससे निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाव संभव हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वस्त किया है कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त हीटिंग संसाधन उपलब्ध हैं और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव उपचार प्रदान किया जा रहा है।