शिवपुरी में नवमीं की रात मां की मूर्तियों का विसर्जन:सुबह 4 बजे तक चला; हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़, कार्यक्रम हुए आयोजित
शिवपुरी में नवमीं की रात मां की मूर्तियों का विसर्जन:सुबह 4 बजे तक चला; हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़, कार्यक्रम हुए आयोजित
शिवपुरी में शारदीय नवरात्र के आखरी दिन शुक्रवार की रात यानी नवमी के दिन माता की मूर्तियों का विसर्जन हुआ। डीजे- ढोल के साथ झांकिया माधव चौक चौराहे से होकर निकली। युवा विसर्जन के दौरान भजनों पर थिरकते रहे। विसर्जन का सिलसिला सुबह चार बजे तक चलता रहा। इस दौरान माधव चौक पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। बता दें कि शारदीय नवरात्र महोत्सव का समापन नवमी शुक्रवार को कन्या भोज के साथ हुआ। माता के पंडालों में हवन पूजन होने के बाद देवी मां की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए दिन भर लोग तैयारी में जुटे रहे। शुक्रवार की रात से बड़ी प्रतिमाओं की झांकियां शहर के मुख्य चौक चौराहों से होकर गुजरीं। इधर शहर के माधव चौक पर श्री नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मण्डल द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां समिति द्वारा सोलो डांस, ग्रुप डांस, सुन्दर विमान, सुन्दर मूर्ति, आकर्षक पंडाल और बैंड की प्रतियोगिताएं आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया। रात्रि में ही माता की मूर्ति को विसर्जन के लिए गणेश कुंड, सुरवाया तालाब और अमोला पुल पर ले जाया गया इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
शिवपुरी में शारदीय नवरात्र के आखरी दिन शुक्रवार की रात यानी नवमी के दिन माता की मूर्तियों का विसर्जन हुआ। डीजे- ढोल के साथ झांकिया माधव चौक चौराहे से होकर निकली। युवा विसर्जन के दौरान भजनों पर थिरकते रहे। विसर्जन का सिलसिला सुबह चार बजे तक चलता रहा। इस दौरान माधव चौक पर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। बता दें कि शारदीय नवरात्र महोत्सव का समापन नवमी शुक्रवार को कन्या भोज के साथ हुआ। माता के पंडालों में हवन पूजन होने के बाद देवी मां की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए दिन भर लोग तैयारी में जुटे रहे। शुक्रवार की रात से बड़ी प्रतिमाओं की झांकियां शहर के मुख्य चौक चौराहों से होकर गुजरीं। इधर शहर के माधव चौक पर श्री नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मण्डल द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां समिति द्वारा सोलो डांस, ग्रुप डांस, सुन्दर विमान, सुन्दर मूर्ति, आकर्षक पंडाल और बैंड की प्रतियोगिताएं आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया। रात्रि में ही माता की मूर्ति को विसर्जन के लिए गणेश कुंड, सुरवाया तालाब और अमोला पुल पर ले जाया गया इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।