महिला समेत गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत:पन्ना में परिजन का आरोप- रात में डॉक्टर नहीं बुलाया, स्टाफ ने इलाज में की देरी

पन्ना जिला अस्पताल में एक प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे 7 महीने के बच्चे की मौत हो गई। परिवार ने अस्पताल स्टाफ पर समय पर इलाज न करना का आरोप लगाया है। बताया गया कि अमानगंज के रहनी वाली रमन चौधरी को गुरुवार रात 11:30 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्हें सीधे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पति ने कहा- डॉक्टर नहीं थीं इसलिए नहीं हो पाया ऑपरेशन नर्सिंग स्टाफ ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। महिला के पति प्रमोद चौधरी ने बताया कि रात में महिला डॉक्टर मौजूद नहीं थी। इस कारण ऑपरेशन नहीं हो सका। स्टाफ ने इलाज में आनाकानी की, जिससे मेरी पत्नी दर्द से तड़पती रही। महिला डॉक्टर बोलीं- मुझे इमरजेंसी कॉल नहीं आया वहीं महिला विशेषज्ञ डॉ. मीणा नामदेव का कहना है कि मुझे अस्पताल से कोई एमरजेंसी कॉल नहीं आया। जानकारी मिलने पर मैंने खुद गाड़ी भेजने को कहा। लेकिन वह समय पर नहीं आई। सुबह 4 बजे जब मैं अस्पताल पहुंचीं, तब मरीज की स्थिति गंभीर थी। महिला का पहला बच्चा भी सीजेरियन से हुआ था डॉक्टर के अनुसार प्रसूता के गर्भ में 7 महीने का बच्चा था। उनका पहला बच्चा भी सीजेरियन से हुआ था और दूसरा भी ऑपरेशन से होना था। घटना के बाद परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। सिविल सर्जन ने जांच टीम गठित कर मामले की जांच का आश्वासन दिया। तब परिजन माने।

महिला समेत गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत:पन्ना में परिजन का आरोप- रात में डॉक्टर नहीं बुलाया, स्टाफ ने इलाज में की देरी
पन्ना जिला अस्पताल में एक प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे 7 महीने के बच्चे की मौत हो गई। परिवार ने अस्पताल स्टाफ पर समय पर इलाज न करना का आरोप लगाया है। बताया गया कि अमानगंज के रहनी वाली रमन चौधरी को गुरुवार रात 11:30 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उन्हें सीधे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पति ने कहा- डॉक्टर नहीं थीं इसलिए नहीं हो पाया ऑपरेशन नर्सिंग स्टाफ ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। महिला के पति प्रमोद चौधरी ने बताया कि रात में महिला डॉक्टर मौजूद नहीं थी। इस कारण ऑपरेशन नहीं हो सका। स्टाफ ने इलाज में आनाकानी की, जिससे मेरी पत्नी दर्द से तड़पती रही। महिला डॉक्टर बोलीं- मुझे इमरजेंसी कॉल नहीं आया वहीं महिला विशेषज्ञ डॉ. मीणा नामदेव का कहना है कि मुझे अस्पताल से कोई एमरजेंसी कॉल नहीं आया। जानकारी मिलने पर मैंने खुद गाड़ी भेजने को कहा। लेकिन वह समय पर नहीं आई। सुबह 4 बजे जब मैं अस्पताल पहुंचीं, तब मरीज की स्थिति गंभीर थी। महिला का पहला बच्चा भी सीजेरियन से हुआ था डॉक्टर के अनुसार प्रसूता के गर्भ में 7 महीने का बच्चा था। उनका पहला बच्चा भी सीजेरियन से हुआ था और दूसरा भी ऑपरेशन से होना था। घटना के बाद परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। सिविल सर्जन ने जांच टीम गठित कर मामले की जांच का आश्वासन दिया। तब परिजन माने।