बैतूल की अनिता बनीं 7 गांवों की 'डिजिटल सखी':स्वरोजगार योजना से लोन लेकर किराना स्टोर शुरू किया; अब चला रही गृह उद्योग
बैतूल की अनिता बनीं 7 गांवों की 'डिजिटल सखी':स्वरोजगार योजना से लोन लेकर किराना स्टोर शुरू किया; अब चला रही गृह उद्योग
बैतूल के बडोरा ग्राम पंचायत की अनिता रावते ने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। रेणुका समृद्धि स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष अनिता ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़कर अपनी जिंदगी बदल ली। कुछ साल पहले तक सामान्य आर्थिक स्थिति वाले परिवार से आने वाली अनिता ने 2019 में स्वरोजगार योजना से 1 लाख रुपए का लोन लिया। इससे उन्होंने किराना और जनरल स्टोर शुरू किया। दो साल बाद खाद्य प्रसंस्करण योजना से 40 हजार रुपए का ऋण लेकर मिक्सर मशीन खरीदी और घरेलू उत्पाद जैसे पापड़, बड़ी और चिप्स बनाना शुरू किया। 7 गांवों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी
आकांक्षा प्रोजेक्ट के तहत योजना सखी का प्रशिक्षण लेने के बाद अनिता अब घर से ही आयुष्मान भारत कार्ड, समग्र ई-केवाईसी और पैन कार्ड बनाने का काम करती हैं। सीआरपी (कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन) के रूप में उन्हें 7 गांवों के वीओ और एसएसजी की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मिली है। अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
पेंटर पति कमल किशोर रावते का पूरा सहयोग मिलने से अनिता अपने काम में और भी सफल हो रही हैं। आज वे न सिर्फ आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गई हैं।
बैतूल के बडोरा ग्राम पंचायत की अनिता रावते ने महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। रेणुका समृद्धि स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष अनिता ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़कर अपनी जिंदगी बदल ली। कुछ साल पहले तक सामान्य आर्थिक स्थिति वाले परिवार से आने वाली अनिता ने 2019 में स्वरोजगार योजना से 1 लाख रुपए का लोन लिया। इससे उन्होंने किराना और जनरल स्टोर शुरू किया। दो साल बाद खाद्य प्रसंस्करण योजना से 40 हजार रुपए का ऋण लेकर मिक्सर मशीन खरीदी और घरेलू उत्पाद जैसे पापड़, बड़ी और चिप्स बनाना शुरू किया। 7 गांवों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी
आकांक्षा प्रोजेक्ट के तहत योजना सखी का प्रशिक्षण लेने के बाद अनिता अब घर से ही आयुष्मान भारत कार्ड, समग्र ई-केवाईसी और पैन कार्ड बनाने का काम करती हैं। सीआरपी (कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन) के रूप में उन्हें 7 गांवों के वीओ और एसएसजी की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मिली है। अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
पेंटर पति कमल किशोर रावते का पूरा सहयोग मिलने से अनिता अपने काम में और भी सफल हो रही हैं। आज वे न सिर्फ आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बन गई हैं।