जेंडर आधारित हिंसा रोकने के लिए जागरूकता अभियान:25 नवंबर से 10 दिसंबर तक रोज होंगे कार्यक्रम

बालाघाट कलेक्टर कार्यालय में जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए हम होंगे कामयाब थीम पर जागरूकता अभियान पखवाड़े का उद्घाटन सोमवार को किया गया। इस दौरान कलेक्टर मृणाल मीणा ने कैलेंडर के अनुसार गतिविधियां करने के निर्देश दिए। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने 25 नवंबर से जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत एक पखवाड़े तक प्रतिदिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अभियान 10 दिसंबर तक चलेगा। एक पखवाड़े तक ये कार्यक्रम होंगे 25 नवंबर को अभियान की शुरुआत के साथ रोजाना कार्यक्रम किए जाएंगे, जिसमें 26 नवंबर को फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए जेंडर संवेदीकरण, 27 को बाल विवाह निषेध जागरूकता, 28 को सोशल मीडिया अभियान, 29 को घरेलू हिंसा रोकथाम, 30 को कानूनी जागरूकता कार्यशाला की जाएगी। इसी तरह 2 दिसंबर को पीसी एवं पीएनडीटी अधिनियम के संबंध में जागरूकता, 3 दिसंबर को समुदाय में जेंडर उन्मुखीकरण, 4 दिसंबर संस्थागत संबंधों को मजबूत करना, 5 दिसंबर सकारात्मक मर्दानगी, पुरुषत्व विषय पर संवेदीकरण, 6 दिसंबर को आपातकालीन हेल्पलाइन एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता, 7 दिसंबर को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा और 9 दिसम्बर को साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल साक्षरता पर कार्यक्रम होंगे।

जेंडर आधारित हिंसा रोकने के लिए जागरूकता अभियान:25 नवंबर से 10 दिसंबर तक रोज होंगे कार्यक्रम
बालाघाट कलेक्टर कार्यालय में जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए हम होंगे कामयाब थीम पर जागरूकता अभियान पखवाड़े का उद्घाटन सोमवार को किया गया। इस दौरान कलेक्टर मृणाल मीणा ने कैलेंडर के अनुसार गतिविधियां करने के निर्देश दिए। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने 25 नवंबर से जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत एक पखवाड़े तक प्रतिदिन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अभियान 10 दिसंबर तक चलेगा। एक पखवाड़े तक ये कार्यक्रम होंगे 25 नवंबर को अभियान की शुरुआत के साथ रोजाना कार्यक्रम किए जाएंगे, जिसमें 26 नवंबर को फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए जेंडर संवेदीकरण, 27 को बाल विवाह निषेध जागरूकता, 28 को सोशल मीडिया अभियान, 29 को घरेलू हिंसा रोकथाम, 30 को कानूनी जागरूकता कार्यशाला की जाएगी। इसी तरह 2 दिसंबर को पीसी एवं पीएनडीटी अधिनियम के संबंध में जागरूकता, 3 दिसंबर को समुदाय में जेंडर उन्मुखीकरण, 4 दिसंबर संस्थागत संबंधों को मजबूत करना, 5 दिसंबर सकारात्मक मर्दानगी, पुरुषत्व विषय पर संवेदीकरण, 6 दिसंबर को आपातकालीन हेल्पलाइन एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता, 7 दिसंबर को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा और 9 दिसम्बर को साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल साक्षरता पर कार्यक्रम होंगे।