5 जनवरी से मनरेगा पर कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन होगा शुरू:ग्राम पंचायत कमेटियों का गठन, मीनाक्षी नटराजन होंगी शामिल
5 जनवरी से मनरेगा पर कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन होगा शुरू:ग्राम पंचायत कमेटियों का गठन, मीनाक्षी नटराजन होंगी शामिल
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए कथित बदलावों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिले भर में विरोध प्रदर्शन के साथ ग्राम पंचायत कमेटियों का गठन किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 5 जनवरी 2026 को मल्हारगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मनासा खुर्द से होगी। रोजगार के संवैधानिक अधिकार पर हमला: कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह गुर्जर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा के तहत ग्रामीणों को मिलने वाले कानूनी रोजगार के अधिकार को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा को उसकी मूल मांग आधारित रोजगार गारंटी योजना से हटाया जा रहा है। 100 प्रतिशत गारंटी खत्म करने का आरोप गुर्जर ने कहा कि योजना में प्रदेश सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी लागू कर दी गई है, जिससे केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही 100 प्रतिशत रोजगार गारंटी समाप्त हो गई है। कांग्रेस के अनुसार यह फैसला करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की आजीविका पर सीधा हमला है और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करने का प्रयास है। नाम बदलने पर भी जताई आपत्ति कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि योजना का नाम बदलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा और उनके द्वारा स्थापित ग्रामीण रोजगार के मूल सिद्धांतों को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। इस फैसले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी मंदसौर द्वारा सभी ब्लॉकों की ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। साथ ही ग्राम पंचायत कमेटी और वार्ड कमेटियों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मनासा खुर्द में पहली चौपाल सभा इसी क्रम में 5 जनवरी 2026, सोमवार को मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में ग्राम पंचायत मनासा खुर्द में सुबह 11 बजे ‘मनरेगा बचाओ चौपाल सभा एवं मनरेगा मजदूरों से संवाद कार्यक्रम’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल होंगे। मजदूरों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान कांग्रेस ने मनरेगा से जुड़े मजदूरों और ग्रामीणों से इस कथित अन्याय के खिलाफ एकजुट होने और ग्रामीण रोजगार के संवैधानिक अधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए कथित बदलावों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और मध्यप्रदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिले भर में विरोध प्रदर्शन के साथ ग्राम पंचायत कमेटियों का गठन किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 5 जनवरी 2026 को मल्हारगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत मनासा खुर्द से होगी। रोजगार के संवैधानिक अधिकार पर हमला: कांग्रेस जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह गुर्जर ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा के तहत ग्रामीणों को मिलने वाले कानूनी रोजगार के अधिकार को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा को उसकी मूल मांग आधारित रोजगार गारंटी योजना से हटाया जा रहा है। 100 प्रतिशत गारंटी खत्म करने का आरोप गुर्जर ने कहा कि योजना में प्रदेश सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी लागू कर दी गई है, जिससे केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही 100 प्रतिशत रोजगार गारंटी समाप्त हो गई है। कांग्रेस के अनुसार यह फैसला करोड़ों ग्रामीण मजदूरों की आजीविका पर सीधा हमला है और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर करने का प्रयास है। नाम बदलने पर भी जताई आपत्ति कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि योजना का नाम बदलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा और उनके द्वारा स्थापित ग्रामीण रोजगार के मूल सिद्धांतों को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। इस फैसले के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी मंदसौर द्वारा सभी ब्लॉकों की ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। साथ ही ग्राम पंचायत कमेटी और वार्ड कमेटियों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मनासा खुर्द में पहली चौपाल सभा इसी क्रम में 5 जनवरी 2026, सोमवार को मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में ग्राम पंचायत मनासा खुर्द में सुबह 11 बजे ‘मनरेगा बचाओ चौपाल सभा एवं मनरेगा मजदूरों से संवाद कार्यक्रम’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल होंगे। मजदूरों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान कांग्रेस ने मनरेगा से जुड़े मजदूरों और ग्रामीणों से इस कथित अन्याय के खिलाफ एकजुट होने और ग्रामीण रोजगार के संवैधानिक अधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है।