शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी का मामला:नर्मदापुरम स्थित फर्जी कॉल सेंटर पहुंची उज्जैन पुलिस; युवतियों के बयान लिए

नर्मदापुरम शहर के कोठी बाजार में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस शुक्रवार रात को उज्जैन ले गई। उससे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात को उज्जैन पुलिस ने आरोपी संजय प्रजापति के कोठी बाजार में किराए के रूम में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पहुंची। इस दौरान एक कमरे में चलने वाले कॉल सेंटर में पुलिस ने लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। आरोपी से पूछताछ कर कॉल सेंटर की वीडियोग्राफी की गई। वहीं कंप्यूटर की हार्ड डिस्क सहित अन्य उपकरण जब्त कर कॉल सेंटर में काम करने वाले युवतियों को भी बुलाया। पुलिस ने कुल 14 मोबाइल जब्त किए है। जिनमें 5 कीपैड मोबाइल और 2 पर्सनल मोबाइल आरोपी संजय के है। बाकी 7 मोबाइल में से 4 मोबाइल कॉल सेंटर पर काम करने वाली 4 युवतियों के है। वहीं 3 मोबाइल किसके है फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने के अपराध में पुलिस संजय प्रजापति के अलावा युवतियों को भी आरोपी बना सकती है। फिलहाल में आरोपी संजय को एक दिन की कोर्ट से पुलिस रिमांड पर नर्मदापुरम लाया गया था। हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज जब्त नर्मदापुरम में कोठी बाजार में किराए के रूम में संचालित फर्जी कॉल सेंटर से पुलिस ने हार्ड डिस्क, लैपटॉप अन्य दस्तावेज जब्त किए। कॉल सेंटर पर काम करने वाली युवतियों के बयान लिए। जिसके बाद देर रात को पुलिस आरोपी संजय प्रजापति को उज्जैन लेकर रवाना हुई। शनिवार को पुलिस उसे कोर्ट पेश करेगी। पुलिस के अनुसार नर्मदापुरम कोठी बाजार में बरेली निवासी संजय प्रजापति शेयर मार्केट का कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। यहां उसने कॉलिंग के लिए 5 से 7 हजार रुपए महीने में 6, 7 युवतियों को नौकरी पर रखा था। आरोपी संजय ने उज्जैन निवासी ऋतिक मालवीय को 4 अक्टूबर को इन्वेस्टमेंट ग्रोथ कंपनी पुणे के हेड ऑफिस के नाम से फोन किया था। उसका फर्जी डी-मेट अकाउंट खोलकर शेयर बाजार में तीन बार में 50 हजार रुपए जमा करवाए। युवतियों के बयान लिए आरोपी संजय प्रजापति की निशानदेही पर फर्जी कॉल सेंटर में काम करने वाली 4 ज्यादा युवतियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ में युवतियों ने बताया संजय प्रजापति ने 5 कीपैड मोबाइल दिए थे। इससे ही लोगों को फोन लगाकर डीमेट खाता खोलने की जानकारी देती थी। युवतियों का कहना है कि उन्हें ट्रेनिंग दी गई थी। पुलिस ने मामले में अब तक 14 मोबाइल जब्त किए है। बिना लाइसेंस डिमेट अकाउंट खोलकर रुपए निवेश कराना अपराध उज्जैन के माधवनगर थाने के एसआई एसआर चौहान ने बताया कि आरोपी संजय ने युवतियों नौकरी पर रखा था। लोगों को युवतियां कॉल कर बताती थी कि इन्वेस्टमेंट ग्रोथ कंपनी पुणे से बात कर रहे है। शेयर मार्केट में रुपए निवेश कराकर अधिक लाभ का भरोसा जताते थे। वेबसाइट के माध्यम से फर्जी डिमेट अकाउंट खोलते थे। जिनमें लोगों के रुपए निवेश कराते थे। पर्सनल मोबाइल से कॉलिंग, चैट मिलने पर बनेगी आरोपी एसआई एसआर चौहान ने बताया कि आरोपी संजय पिता प्रताप सिंह प्रजापति की चार साथी आरती दुबे, प्राची प्रजापति, दिव्या रैकवार और खुशबू नामदेव कॉलिंग करती थी। युवतियों ने बयान में बताया कि उन्हें 5 कीपैड मोबाइल कॉलिंग के लिए दिए गए थे। इसके अलावा 4 मोबाइल युवतियों के पर्सनल और तीन अन्य के है। जिनकी जांच करवा रहे है। वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से डिमेट अकाउंट खुलवाने और शेयर मार्केट में निवेश कराने के मैसेज किस नंबर से बने वॉट्सऐप ग्रुप से भेजते थे और क्या युवतियों के पर्सनल मोबाइल से भी कॉलिंग होती थी। इसकी जांच कर रहे है। इन्वेस्टिगेशन में जो साक्ष्य आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। पुलिसकर्मी का बेटा ऐसे हुआ ठगी का शिकार, खुद ने पकड़ा आरोपी उज्जैन के वैशालीनगर निवासी रितिक कक्षा 12 वीं पास कर कॉलेज की तैयारी कर रहा है। उसके पिता शिवलाल चिमनगंज थाना प्रधानआरक्षक है। 4 अक्टूबर को रितिक मोबाइल नंबर 7089103086 से कॉल आया। कॉलर ने कहा कि वह इन्वेस्टमेंट ग्रोथ कंपनी पुणे का हेड है। कॉलर ने रितिक को डीमेट अकाउंट खोलकर कम समय में शेयर बाजार में रुपए लगाकर मुनाफा कमाने का लालच देते हुए झांसे में ले लिया। रितिक ने कॉलर द्वारा बताए गई। कंपनी की वेबसाइट पर डीमेट अकाउंट खुलवा लिया। इसके बाद कंपनी द्वारा 4 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच उससे कॉल कर बारकोड के जरिए तीन बार करीब 50 हजार रुपए जमा करवाए गए। रितिक का इसलिए भी भरोसा बढ़ गया, क्योंकि वेबसाइट पर कंपनी की ट्रेडिंग और स्कोर प्रदर्शित होता रहता था। रितिक ने रुपए लगाने के बाद कुछ दोस्तों से कंपनी के बारे में चर्चा की तो उसे दोस्तों ने बताया कि जिस वेबसाइट पर जाकर वह ट्रांजेक्शन कर रहा है, वह फर्जी है। रितिक को तब विश्वास हुआ, जब रुपए जमा होने के बाद कंपनी ने नंबर ब्लॉक कर दिया। ठगी की घटना के बाद रितिक ने कंपनी के बारे में जानकारी खंगालना शुरू की। रितिक ने अपने पिता से मार्गदर्शन लिया और एक दोस्त को लेकर नर्मदापुरम में कोठी बाजार में संचालित कंपनी के ऑफिस पहुंचा, जो किसी चौरे के मकान में एक किराए के रूम में संचालित था। यहां संजय प्रजापति को रितिक व उसके दोस्त ने पकड़ लिया।

शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी का मामला:नर्मदापुरम स्थित फर्जी कॉल सेंटर पहुंची उज्जैन पुलिस; युवतियों के बयान लिए
नर्मदापुरम शहर के कोठी बाजार में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस शुक्रवार रात को उज्जैन ले गई। उससे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात को उज्जैन पुलिस ने आरोपी संजय प्रजापति के कोठी बाजार में किराए के रूम में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पहुंची। इस दौरान एक कमरे में चलने वाले कॉल सेंटर में पुलिस ने लगभग डेढ़ घंटे तक जांच की। आरोपी से पूछताछ कर कॉल सेंटर की वीडियोग्राफी की गई। वहीं कंप्यूटर की हार्ड डिस्क सहित अन्य उपकरण जब्त कर कॉल सेंटर में काम करने वाले युवतियों को भी बुलाया। पुलिस ने कुल 14 मोबाइल जब्त किए है। जिनमें 5 कीपैड मोबाइल और 2 पर्सनल मोबाइल आरोपी संजय के है। बाकी 7 मोबाइल में से 4 मोबाइल कॉल सेंटर पर काम करने वाली 4 युवतियों के है। वहीं 3 मोबाइल किसके है फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने के अपराध में पुलिस संजय प्रजापति के अलावा युवतियों को भी आरोपी बना सकती है। फिलहाल में आरोपी संजय को एक दिन की कोर्ट से पुलिस रिमांड पर नर्मदापुरम लाया गया था। हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज जब्त नर्मदापुरम में कोठी बाजार में किराए के रूम में संचालित फर्जी कॉल सेंटर से पुलिस ने हार्ड डिस्क, लैपटॉप अन्य दस्तावेज जब्त किए। कॉल सेंटर पर काम करने वाली युवतियों के बयान लिए। जिसके बाद देर रात को पुलिस आरोपी संजय प्रजापति को उज्जैन लेकर रवाना हुई। शनिवार को पुलिस उसे कोर्ट पेश करेगी। पुलिस के अनुसार नर्मदापुरम कोठी बाजार में बरेली निवासी संजय प्रजापति शेयर मार्केट का कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। यहां उसने कॉलिंग के लिए 5 से 7 हजार रुपए महीने में 6, 7 युवतियों को नौकरी पर रखा था। आरोपी संजय ने उज्जैन निवासी ऋतिक मालवीय को 4 अक्टूबर को इन्वेस्टमेंट ग्रोथ कंपनी पुणे के हेड ऑफिस के नाम से फोन किया था। उसका फर्जी डी-मेट अकाउंट खोलकर शेयर बाजार में तीन बार में 50 हजार रुपए जमा करवाए। युवतियों के बयान लिए आरोपी संजय प्रजापति की निशानदेही पर फर्जी कॉल सेंटर में काम करने वाली 4 ज्यादा युवतियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ में युवतियों ने बताया संजय प्रजापति ने 5 कीपैड मोबाइल दिए थे। इससे ही लोगों को फोन लगाकर डीमेट खाता खोलने की जानकारी देती थी। युवतियों का कहना है कि उन्हें ट्रेनिंग दी गई थी। पुलिस ने मामले में अब तक 14 मोबाइल जब्त किए है। बिना लाइसेंस डिमेट अकाउंट खोलकर रुपए निवेश कराना अपराध उज्जैन के माधवनगर थाने के एसआई एसआर चौहान ने बताया कि आरोपी संजय ने युवतियों नौकरी पर रखा था। लोगों को युवतियां कॉल कर बताती थी कि इन्वेस्टमेंट ग्रोथ कंपनी पुणे से बात कर रहे है। शेयर मार्केट में रुपए निवेश कराकर अधिक लाभ का भरोसा जताते थे। वेबसाइट के माध्यम से फर्जी डिमेट अकाउंट खोलते थे। जिनमें लोगों के रुपए निवेश कराते थे। पर्सनल मोबाइल से कॉलिंग, चैट मिलने पर बनेगी आरोपी एसआई एसआर चौहान ने बताया कि आरोपी संजय पिता प्रताप सिंह प्रजापति की चार साथी आरती दुबे, प्राची प्रजापति, दिव्या रैकवार और खुशबू नामदेव कॉलिंग करती थी। युवतियों ने बयान में बताया कि उन्हें 5 कीपैड मोबाइल कॉलिंग के लिए दिए गए थे। इसके अलावा 4 मोबाइल युवतियों के पर्सनल और तीन अन्य के है। जिनकी जांच करवा रहे है। वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से डिमेट अकाउंट खुलवाने और शेयर मार्केट में निवेश कराने के मैसेज किस नंबर से बने वॉट्सऐप ग्रुप से भेजते थे और क्या युवतियों के पर्सनल मोबाइल से भी कॉलिंग होती थी। इसकी जांच कर रहे है। इन्वेस्टिगेशन में जो साक्ष्य आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी। पुलिसकर्मी का बेटा ऐसे हुआ ठगी का शिकार, खुद ने पकड़ा आरोपी उज्जैन के वैशालीनगर निवासी रितिक कक्षा 12 वीं पास कर कॉलेज की तैयारी कर रहा है। उसके पिता शिवलाल चिमनगंज थाना प्रधानआरक्षक है। 4 अक्टूबर को रितिक मोबाइल नंबर 7089103086 से कॉल आया। कॉलर ने कहा कि वह इन्वेस्टमेंट ग्रोथ कंपनी पुणे का हेड है। कॉलर ने रितिक को डीमेट अकाउंट खोलकर कम समय में शेयर बाजार में रुपए लगाकर मुनाफा कमाने का लालच देते हुए झांसे में ले लिया। रितिक ने कॉलर द्वारा बताए गई। कंपनी की वेबसाइट पर डीमेट अकाउंट खुलवा लिया। इसके बाद कंपनी द्वारा 4 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच उससे कॉल कर बारकोड के जरिए तीन बार करीब 50 हजार रुपए जमा करवाए गए। रितिक का इसलिए भी भरोसा बढ़ गया, क्योंकि वेबसाइट पर कंपनी की ट्रेडिंग और स्कोर प्रदर्शित होता रहता था। रितिक ने रुपए लगाने के बाद कुछ दोस्तों से कंपनी के बारे में चर्चा की तो उसे दोस्तों ने बताया कि जिस वेबसाइट पर जाकर वह ट्रांजेक्शन कर रहा है, वह फर्जी है। रितिक को तब विश्वास हुआ, जब रुपए जमा होने के बाद कंपनी ने नंबर ब्लॉक कर दिया। ठगी की घटना के बाद रितिक ने कंपनी के बारे में जानकारी खंगालना शुरू की। रितिक ने अपने पिता से मार्गदर्शन लिया और एक दोस्त को लेकर नर्मदापुरम में कोठी बाजार में संचालित कंपनी के ऑफिस पहुंचा, जो किसी चौरे के मकान में एक किराए के रूम में संचालित था। यहां संजय प्रजापति को रितिक व उसके दोस्त ने पकड़ लिया।