छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर, 19 जून। सरगुजा जिले के मैनपाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेट चोरकीपानी में आकाशीय बिजली गिरने से छह मवेशियों की मौत हो गई। यह हादसा 18 जून की शाम करीब चार बजे उस समय हुआ, जब क्षेत्र में तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो रही थी। घटना में पशुपालक भानु प्रताप यादव को भारी आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भानु प्रताप यादव के मवेशी गांव के समीप चर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश और आंधी से बचने के लिए मवेशी एक पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के पास आ गिरी। बिजली की चपेट में आने से छह मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पशुपालक को इसकी जानकारी दी।
मवेशियों की अचानक मौत से पशुपालक और उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है और इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रभावित परिवार ने शासन-प्रशासन से राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
इधर, गुरुवार शाम अंबिकापुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में भी लगभग एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश के कारण मौसम पूरी तरह बदल गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई तथा मौसम सुहावना और खुशनुमा हो गया। हालांकि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
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अंबिकापुर, 19 जून। सरगुजा जिले के मैनपाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पेट चोरकीपानी में आकाशीय बिजली गिरने से छह मवेशियों की मौत हो गई। यह हादसा 18 जून की शाम करीब चार बजे उस समय हुआ, जब क्षेत्र में तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो रही थी। घटना में पशुपालक भानु प्रताप यादव को भारी आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भानु प्रताप यादव के मवेशी गांव के समीप चर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश और आंधी से बचने के लिए मवेशी एक पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के पास आ गिरी। बिजली की चपेट में आने से छह मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पशुपालक को इसकी जानकारी दी।
मवेशियों की अचानक मौत से पशुपालक और उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है और इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रभावित परिवार ने शासन-प्रशासन से राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
इधर, गुरुवार शाम अंबिकापुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में भी लगभग एक घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश के कारण मौसम पूरी तरह बदल गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई तथा मौसम सुहावना और खुशनुमा हो गया। हालांकि कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।