सपा और कांग्रेस कभी नहीं चाहती थीं कि राम मंदिर का निर्माण हो : अमित शाह

मुजफ्फरनगर (उप्र), 3 अप्रैल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, मगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन भावनाओं का ध्यान रखते हुए केस जीतकर मंदिर का निर्माण कराया। शाह ने यहां भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल की संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, अखिलेश यादव जी की पार्टी और कांग्रेस पार्टी यह कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या में राम मंदिर बने। कांग्रेस ने 70 साल तक राम जन्मभूमि के मुद्दे को अटका कर रखा। भटका कर और लटका कर रखा, लेकिन मोदी जी ने केस भी जीता, भूमि पूजन भी किया और 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भी की। उन्होंने इंडिया गठबंधन की आलोचना करते हुए कहा, इस चुनाव में जो घमंडिया गठबंधन इकट्ठा हुआ है, उसमें 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले और भ्रष्टाचार करने वाले लोग इकट्ठा हुए हैं। शाह ने कहा, मैं आपको बताना चाहता हूं कि मोदी जी चौधरी चरण सिंह जी के गौरव कार्यक्रम में आए, उसी दिन इन्होंने (इंडिया गठबंधन ने) भ्रष्टाचारी बचाओ रैली की और उस रैली में भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने की बात कही। शाह ने कहा, मैं आज इस मंच से उत्तर प्रदेश की समस्त जनता से कह रहा हूं कि 2014 में मोदी जी ने कहा था कि जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है वो जेल में जाएंगे और 2024 में भी कह रहे हैं कि जिसने भ्रष्टाचार किया है वे जेल की सलाखों के पीछे चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मकसद परिवार के लोगों को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनाना है, वहीं प्रधानमंत्री मोदी का मकसद गरीब, किसान, मजदूर, दलित और आदिवासियों को मजबूत बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करना है। केंद्रीय गृह मंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2014 में जब वह भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी थे तब कैराना, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से लोगों का पलायन होता था; मगर 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद यहां पर गुंडों का आतंक बंद करके पलायन रोका गया है और लोगों को सुरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा, इसके साथ-साथ निर्दोष नागरिकों की जगह अब उत्तर प्रदेश से गुंडे पलायन करने लगे हैं।(भाषा)

सपा और कांग्रेस कभी नहीं चाहती थीं कि राम मंदिर का निर्माण हो : अमित शाह
मुजफ्फरनगर (उप्र), 3 अप्रैल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, मगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जन भावनाओं का ध्यान रखते हुए केस जीतकर मंदिर का निर्माण कराया। शाह ने यहां भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल की संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, अखिलेश यादव जी की पार्टी और कांग्रेस पार्टी यह कभी नहीं चाहते थे कि अयोध्या में राम मंदिर बने। कांग्रेस ने 70 साल तक राम जन्मभूमि के मुद्दे को अटका कर रखा। भटका कर और लटका कर रखा, लेकिन मोदी जी ने केस भी जीता, भूमि पूजन भी किया और 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भी की। उन्होंने इंडिया गठबंधन की आलोचना करते हुए कहा, इस चुनाव में जो घमंडिया गठबंधन इकट्ठा हुआ है, उसमें 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले और भ्रष्टाचार करने वाले लोग इकट्ठा हुए हैं। शाह ने कहा, मैं आपको बताना चाहता हूं कि मोदी जी चौधरी चरण सिंह जी के गौरव कार्यक्रम में आए, उसी दिन इन्होंने (इंडिया गठबंधन ने) भ्रष्टाचारी बचाओ रैली की और उस रैली में भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने की बात कही। शाह ने कहा, मैं आज इस मंच से उत्तर प्रदेश की समस्त जनता से कह रहा हूं कि 2014 में मोदी जी ने कहा था कि जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है वो जेल में जाएंगे और 2024 में भी कह रहे हैं कि जिसने भ्रष्टाचार किया है वे जेल की सलाखों के पीछे चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मकसद परिवार के लोगों को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनाना है, वहीं प्रधानमंत्री मोदी का मकसद गरीब, किसान, मजदूर, दलित और आदिवासियों को मजबूत बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करना है। केंद्रीय गृह मंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2014 में जब वह भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रभारी थे तब कैराना, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से लोगों का पलायन होता था; मगर 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद यहां पर गुंडों का आतंक बंद करके पलायन रोका गया है और लोगों को सुरक्षित किया गया है। उन्होंने कहा, इसके साथ-साथ निर्दोष नागरिकों की जगह अब उत्तर प्रदेश से गुंडे पलायन करने लगे हैं।(भाषा)