श्योपुर के हजारेश्वर मेले में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन:अरुण जैमिनी की परोपकारी बंदे ने जीता लोगों का दिल, डॉ. विष्णु सक्सेना ने सुनाईं श्रृंगार रस की रचनाएं
श्योपुर के हजारेश्वर मेले में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन:अरुण जैमिनी की परोपकारी बंदे ने जीता लोगों का दिल, डॉ. विष्णु सक्सेना ने सुनाईं श्रृंगार रस की रचनाएं
श्योपुर नगरपालिका द्वारा आयोजित श्री हजारेश्वर महादेव मेले के अंतर्गत शुक्रवार रात को भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रात्रि 10:15 बजे मां सरस्वती की वंदना से हुई। कवि सम्मेलन में देश के ख्यातनाम कवियों ने काव्य के विभिन्न रसों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। सुप्रसिद्ध कवि अरुण जैमिनी ने सामाजिक सरोकारों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावुक कर दिया। उनकी रचना:"सच में सच्चाई, मंच में कविताई,गरीब को खोली, आंगन में रंगोली, परोपकारी बंदे और अर्थी को कंधे" ने दर्शकों से खूब सराहना पाई। श्रृंगार रस के प्रसिद्ध कवि डॉ. विष्णु सक्सेना ने प्रेम और सौंदर्य से भरपूर कविताएं सुनाईं। वहीं, राजस्थानी कवि पवन गोचर ने केंद्र सरकार की आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं, साथ ही राजस्थान की लोक संस्कृति पर रचनाएं भी पढ़ीं। कार्यक्रम में हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कवि जॉनी बैरागी, दीपिका माही, डॉ. रूचि चतुर्वेदी, श्वेता सिंह और शिवांगी प्रेरणा ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और सोचने पर मजबूर भी किया। कवि सम्मेलन देर रात तक चला और प्रेम, करुणा, देशभक्ति, हास्य, श्रृंगार सहित कई रसों से सजी रचनाओं ने आयोजन को यादगार बना दिया। श्रोताओं ने इस काव्यात्मक संध्या का भरपूर आनंद उठाया।
श्योपुर नगरपालिका द्वारा आयोजित श्री हजारेश्वर महादेव मेले के अंतर्गत शुक्रवार रात को भव्य राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रात्रि 10:15 बजे मां सरस्वती की वंदना से हुई। कवि सम्मेलन में देश के ख्यातनाम कवियों ने काव्य के विभिन्न रसों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। सुप्रसिद्ध कवि अरुण जैमिनी ने सामाजिक सरोकारों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावुक कर दिया। उनकी रचना:"सच में सच्चाई, मंच में कविताई,गरीब को खोली, आंगन में रंगोली, परोपकारी बंदे और अर्थी को कंधे" ने दर्शकों से खूब सराहना पाई। श्रृंगार रस के प्रसिद्ध कवि डॉ. विष्णु सक्सेना ने प्रेम और सौंदर्य से भरपूर कविताएं सुनाईं। वहीं, राजस्थानी कवि पवन गोचर ने केंद्र सरकार की आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं, साथ ही राजस्थान की लोक संस्कृति पर रचनाएं भी पढ़ीं। कार्यक्रम में हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कवि जॉनी बैरागी, दीपिका माही, डॉ. रूचि चतुर्वेदी, श्वेता सिंह और शिवांगी प्रेरणा ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया और सोचने पर मजबूर भी किया। कवि सम्मेलन देर रात तक चला और प्रेम, करुणा, देशभक्ति, हास्य, श्रृंगार सहित कई रसों से सजी रचनाओं ने आयोजन को यादगार बना दिया। श्रोताओं ने इस काव्यात्मक संध्या का भरपूर आनंद उठाया।