विश्व विकलांगता दिवस पर बोलीं इंदौर की बेटी पूजा:कभी कहां मिली है किसी को राह चलते, परिश्रम और लगन मांगती है सफलता
विश्व विकलांगता दिवस पर बोलीं इंदौर की बेटी पूजा:कभी कहां मिली है किसी को राह चलते, परिश्रम और लगन मांगती है सफलता
बड़ी ढीठ है मेरी चाहतों की चिरैया वह धरा नहीं गगन मांगती है, कभी कहां मिली है सफलता किसी को राह चलते, वह तो परिश्रम और लगन मांगती है.... इसे प्रेरणास्पद पंक्तियों को अपने जीवन में उतारती हुई पूजा गर्ग 14 सालों से चरितार्थ कर रही हैं। वे स्पाइनल इंजरी और कैंसर से ग्रसित हैं, फिर भी उन्होंने जीवन से हार नहीं मानी और कुछ कर दिखाने का हौसला करते हुए खेलों में आई और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। बता दें कि 2010 में एक घटना में रीड की हड्डी में चोट पहुंचने से पूजा चलने में असमर्थ हैं और हाल ही में उन्हें बोन कैंसर का पता चला है, पर हार मानने की जगह उन्होंने उससे लड़ने की ठान ली। कयाकिंग एंड केनो गेम में पूजा ने भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया और उज़्बेकिस्तान और जापान में चौथी पोजीशन हासिल की। पिस्टल शूटिंग में भी कई मेडल अर्जित किए और वे एक रिनाउंड शूटर हैं। 3 दिसंबर को विश्व विकलांगता दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर इंदौर की बेटी पूजा गर्ग ने अत्यंत प्रेरणास्पद संदेश दिया है... चल नहीं सकते हैं तो उड़ने की एक कोशिश तो बनती है... पूजा का मानना है कि जब हम चल नहीं सकते हैं तो उड़ने की एक कोशिश तो बनती है। बस इन्हीं हौसलों के पंखों को लेकर उन्होंने इंदौर से नाथुला तक फोर व्हीलर बाइक पर कैंसर अवेयरनेस यात्रा निकाली, जिसका शीर्षक रखा- ठान लिया तो ठान लिया। पूजा कहती हैं दिव्यांगता शरीर की होती है आत्मा की नहीं। यह मायने नहीं रखता कि लोग आपको किस तरह देखते हैं। आप अपने आप को कहां देखना चाहेंगे यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। जिस दिन आपने सोच लिया कि मुझे कुछ कर गुजरना है, उसी दिन राह में आई कठिनाइयां और मुसीबतें आपको नहीं रोक पाएंगी। जब आपको लगता है कि मेरी जिंदगी में जो मुसीबतें और कठिनाइयां हैं, वह बहुत ज्यादा है तो हमेशा याद करिए कि ईश्वर अपना बेस्ट रोल अपने बेस्ट एक्टर को ही देता है... और आप ईश्वर के बेस्ट एक्टर हैं तो आपको अपना बेहतरीन से बेहतरीन प्रदर्शन करना है। ट्रिपल-सी कैंसर काउंसलिंग सेंटर खोलेंगी पूजा पूजा कई दिव्यांग लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और वह जल्द ही ट्रिपल-सी कैंसर काउंसलिंग सेंटर खोलने जा रही हैं। इसमें ऐसे लोग जो अपनी बीमारियों से हार जाते हैं, उनके लिए एक प्लेटफार्म होगा, जहां पर उनकी काउंसलिंग होगी और उन्हें यह बताया जाएगा कि जिंदगी की कोई भी लड़ाई इतनी बड़ी नहीं होती कि आप उसे हार जाएं।
बड़ी ढीठ है मेरी चाहतों की चिरैया वह धरा नहीं गगन मांगती है, कभी कहां मिली है सफलता किसी को राह चलते, वह तो परिश्रम और लगन मांगती है.... इसे प्रेरणास्पद पंक्तियों को अपने जीवन में उतारती हुई पूजा गर्ग 14 सालों से चरितार्थ कर रही हैं। वे स्पाइनल इंजरी और कैंसर से ग्रसित हैं, फिर भी उन्होंने जीवन से हार नहीं मानी और कुछ कर दिखाने का हौसला करते हुए खेलों में आई और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। बता दें कि 2010 में एक घटना में रीड की हड्डी में चोट पहुंचने से पूजा चलने में असमर्थ हैं और हाल ही में उन्हें बोन कैंसर का पता चला है, पर हार मानने की जगह उन्होंने उससे लड़ने की ठान ली। कयाकिंग एंड केनो गेम में पूजा ने भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया और उज़्बेकिस्तान और जापान में चौथी पोजीशन हासिल की। पिस्टल शूटिंग में भी कई मेडल अर्जित किए और वे एक रिनाउंड शूटर हैं। 3 दिसंबर को विश्व विकलांगता दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर इंदौर की बेटी पूजा गर्ग ने अत्यंत प्रेरणास्पद संदेश दिया है... चल नहीं सकते हैं तो उड़ने की एक कोशिश तो बनती है... पूजा का मानना है कि जब हम चल नहीं सकते हैं तो उड़ने की एक कोशिश तो बनती है। बस इन्हीं हौसलों के पंखों को लेकर उन्होंने इंदौर से नाथुला तक फोर व्हीलर बाइक पर कैंसर अवेयरनेस यात्रा निकाली, जिसका शीर्षक रखा- ठान लिया तो ठान लिया। पूजा कहती हैं दिव्यांगता शरीर की होती है आत्मा की नहीं। यह मायने नहीं रखता कि लोग आपको किस तरह देखते हैं। आप अपने आप को कहां देखना चाहेंगे यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। जिस दिन आपने सोच लिया कि मुझे कुछ कर गुजरना है, उसी दिन राह में आई कठिनाइयां और मुसीबतें आपको नहीं रोक पाएंगी। जब आपको लगता है कि मेरी जिंदगी में जो मुसीबतें और कठिनाइयां हैं, वह बहुत ज्यादा है तो हमेशा याद करिए कि ईश्वर अपना बेस्ट रोल अपने बेस्ट एक्टर को ही देता है... और आप ईश्वर के बेस्ट एक्टर हैं तो आपको अपना बेहतरीन से बेहतरीन प्रदर्शन करना है। ट्रिपल-सी कैंसर काउंसलिंग सेंटर खोलेंगी पूजा पूजा कई दिव्यांग लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और वह जल्द ही ट्रिपल-सी कैंसर काउंसलिंग सेंटर खोलने जा रही हैं। इसमें ऐसे लोग जो अपनी बीमारियों से हार जाते हैं, उनके लिए एक प्लेटफार्म होगा, जहां पर उनकी काउंसलिंग होगी और उन्हें यह बताया जाएगा कि जिंदगी की कोई भी लड़ाई इतनी बड़ी नहीं होती कि आप उसे हार जाएं।