वैशाली नगर तिराहा इंदौर स्थित दत्त मंदिर में महोत्सव:शाम की आरती के बाद अभंग एवं भक्ति गीतों का शानदार प्रस्तुति
वैशाली नगर तिराहा इंदौर स्थित दत्त मंदिर में महोत्सव:शाम की आरती के बाद अभंग एवं भक्ति गीतों का शानदार प्रस्तुति
वैशाली नगर तिराहा अन्नपूर्णा रोड स्थित श्री दत्त मंदिर में 8 दिसंबर से श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य परम सदगुरु श्री वासुदेवानंद सरस्वती (टेंबे) स्वामी महाराज की कुटी में दत्त जयंती महोत्सव का शुभारंभ हुआ। ये कार्यक्रम 14 दिसंबर तक चलेंगे। इसके तहत 8 दिसंबर को शाम 6.15 बजे दत्तात्रेय भगवान की आरती की गई। उसके बाद रात 8 से 9 बजे तक डॉ. शिल्पा मसुरकर (गायक), प्रणव हार्डिकर (तबला वादक), सुयश राजपूत (हारमोनियम) के साथ (अभंग एवं भक्ति गीत) की प्रस्तुति दी। भक्ति गीत की प्रस्तुति मला है दत्तगुरु दिसले..., झनन झनन पायल मोरी बाजे..., मन लागो रे लागो रे माझे गुरु भजनी..., गुरु माझे दत्त दिगंबर...आदि भक्ति गीतों के साथ दत्त दत्त नामाचा महिमा... पर समापन किया। इस कार्यक्रम में अनेक भक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने इस भक्ति गीतों को सुनकर बड़ा आनंद प्राप्त किया। फिर रात 9 से 10 बजे तक प्रणव हर्डिकर (शिष्य तालयोगि पं. सुरेश तळवलकर) पुणे ने एकल तबला वादक ने अपनी प्रस्तुति दी। दत्त जयंती महोत्सव के कार्यक्रम 9 दिसंबर को कृतिका मुळे, निष्ठा दुचक्के, जयवंत दिघे (भक्ति संगीत) 10 दिसंबर को भाऊराव जवंजाल एवं समूह (भजनाभिषेक) 11 दिसंबर को भावगंधा संगीत संस्था द्वारा "राग मंजरी" (शास्त्रीय संगीत एवं रागों पर आधारित भक्ति गीत) 12 दिसंबर को दीपक खळतकर, धार (भजन गायनाभिषेक) 13 दिसंबर को शाश्वत दीपक मुळे (श्री दत्त परंपरा तथा इससे संबंधित यति परंपरा पर सार गंभीर निरूपण) 14 दिसंबर को शाम 6.15 बजे श्री दत्तात्रेय जन्मोत्सव एवं आरती।
वैशाली नगर तिराहा अन्नपूर्णा रोड स्थित श्री दत्त मंदिर में 8 दिसंबर से श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य परम सदगुरु श्री वासुदेवानंद सरस्वती (टेंबे) स्वामी महाराज की कुटी में दत्त जयंती महोत्सव का शुभारंभ हुआ। ये कार्यक्रम 14 दिसंबर तक चलेंगे। इसके तहत 8 दिसंबर को शाम 6.15 बजे दत्तात्रेय भगवान की आरती की गई। उसके बाद रात 8 से 9 बजे तक डॉ. शिल्पा मसुरकर (गायक), प्रणव हार्डिकर (तबला वादक), सुयश राजपूत (हारमोनियम) के साथ (अभंग एवं भक्ति गीत) की प्रस्तुति दी। भक्ति गीत की प्रस्तुति मला है दत्तगुरु दिसले..., झनन झनन पायल मोरी बाजे..., मन लागो रे लागो रे माझे गुरु भजनी..., गुरु माझे दत्त दिगंबर...आदि भक्ति गीतों के साथ दत्त दत्त नामाचा महिमा... पर समापन किया। इस कार्यक्रम में अनेक भक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने इस भक्ति गीतों को सुनकर बड़ा आनंद प्राप्त किया। फिर रात 9 से 10 बजे तक प्रणव हर्डिकर (शिष्य तालयोगि पं. सुरेश तळवलकर) पुणे ने एकल तबला वादक ने अपनी प्रस्तुति दी। दत्त जयंती महोत्सव के कार्यक्रम 9 दिसंबर को कृतिका मुळे, निष्ठा दुचक्के, जयवंत दिघे (भक्ति संगीत) 10 दिसंबर को भाऊराव जवंजाल एवं समूह (भजनाभिषेक) 11 दिसंबर को भावगंधा संगीत संस्था द्वारा "राग मंजरी" (शास्त्रीय संगीत एवं रागों पर आधारित भक्ति गीत) 12 दिसंबर को दीपक खळतकर, धार (भजन गायनाभिषेक) 13 दिसंबर को शाश्वत दीपक मुळे (श्री दत्त परंपरा तथा इससे संबंधित यति परंपरा पर सार गंभीर निरूपण) 14 दिसंबर को शाम 6.15 बजे श्री दत्तात्रेय जन्मोत्सव एवं आरती।