भिंड में शोषण मुक्ति मंच का प्रदर्शन, जताया रोष:कहा-नरोत्तम माहौर पर डीजल डालकर आग लगाई, कार्रवाई की मांग
भिंड में शोषण मुक्ति मंच का प्रदर्शन, जताया रोष:कहा-नरोत्तम माहौर पर डीजल डालकर आग लगाई, कार्रवाई की मांग
भिंड में शोषण मुक्ति मंच के पदाधिकारी और SC-ST संगठनों के सदस्यों ने बुधवार को एसपी ऑफिस पहुंचकर नरोत्तम माहौर मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नरोत्तम माहौर को जान से मारने की कोशिश के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। घटना 18 दिसंबर की रात गोहद तहसील के ग्राम बरौना में हुई, जब नरोत्तम माहौर ने तीन व्यक्तियों भूरा सिंह तोमर, राजेश और संदीप को झगड़ा करने से रोका। आरोप है कि इन तीनों ने जातिसूचक गालियां देते हुए नरोत्तम माहौर पर डीजल डालकर आग लगा दी। इस हमले में नरोत्तम गंभीर रूप से झुलस गए और वर्तमान में बिरला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही का आरोप पीड़ित के परिवार का आरोप है कि उन्होंने थाना एण्डोरी में कई बार शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की। साथ ही सक्षम प्रशासनिक अधिकारी के समक्ष नरोत्तम माहौर के बयान भी अब तक दर्ज नहीं किए गए हैं। शोषण मुक्ति मंच की मांग शोषण मुक्ति मंच और अन्य संगठनों ने मांग की है कि तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, आरोपियों पर अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हो और पीड़ित को आर्थिक सहायता दी जाए। संगठनों ने थाना प्रभारी की लापरवाही के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की।
भिंड में शोषण मुक्ति मंच के पदाधिकारी और SC-ST संगठनों के सदस्यों ने बुधवार को एसपी ऑफिस पहुंचकर नरोत्तम माहौर मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नरोत्तम माहौर को जान से मारने की कोशिश के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। घटना 18 दिसंबर की रात गोहद तहसील के ग्राम बरौना में हुई, जब नरोत्तम माहौर ने तीन व्यक्तियों भूरा सिंह तोमर, राजेश और संदीप को झगड़ा करने से रोका। आरोप है कि इन तीनों ने जातिसूचक गालियां देते हुए नरोत्तम माहौर पर डीजल डालकर आग लगा दी। इस हमले में नरोत्तम गंभीर रूप से झुलस गए और वर्तमान में बिरला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही का आरोप पीड़ित के परिवार का आरोप है कि उन्होंने थाना एण्डोरी में कई बार शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की। साथ ही सक्षम प्रशासनिक अधिकारी के समक्ष नरोत्तम माहौर के बयान भी अब तक दर्ज नहीं किए गए हैं। शोषण मुक्ति मंच की मांग शोषण मुक्ति मंच और अन्य संगठनों ने मांग की है कि तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, आरोपियों पर अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हो और पीड़ित को आर्थिक सहायता दी जाए। संगठनों ने थाना प्रभारी की लापरवाही के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग की।