बड़वानी में उत्तरी हवाओं से बढ़ी ठंड:6 दिन में 7 डिग्री गिरा रात का पारा, रबी फसलों को होगा लाभ

बीते दिनों पश्चिमी विक्षोभ के बादल छंटने के बाद उत्तर भारत की सर्द हवाओं का असर निमाड़ क्षेत्र में बढ़ गया है। इससे ठंडक बढ़ने लगी है, और पूरा क्षेत्र कंपकंपा रहा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक कोहरे की मोटी चादर छाई रही। इससे तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। बीते छह दिनों में रात के तापमान में 7 डिग्री की कमी आई है। गेहूं और चने की फसल में दिखी वृद्धि मौसम में आए इस बदलाव के चलते सुबह के समय कोहरा जमने लगा है। हालांकि, यह रबी फसलों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। गेहूं और चने की फसल को इससे काफी लाभ हो रहा है। शुक्रवार सुबह गेहूं की फसल पर ओस की चमचमाती बूंदें देखी गईं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सुबह से लेकर 10 बजे तक पूरा क्षेत्र कोहरे की मोटी चादर से ढंका रहा। इसके बाद सूर्य के दर्शन हुए और लोगों ने धूप का आनंद लिया। शाम होते ही ठंडी हवाओं का प्रभाव फिर से बढ़ जाता है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ रवींद्रसिंह सिकरवार ने बताया कि उत्तरी हवाओं की वजह से निमाड़ में ठंडक बढ़ रही है और आगामी दिनों में तापमान और गिरने की संभावना है। ठंड बढ़ने का रबी फसलों, विशेषकर गेहूं और चने की फसल, पर सकारात्मक असर हो रहा है। छह दिन में ऐसे गिरा तापमान

बड़वानी में उत्तरी हवाओं से बढ़ी ठंड:6 दिन में 7 डिग्री गिरा रात का पारा, रबी फसलों को होगा लाभ
बीते दिनों पश्चिमी विक्षोभ के बादल छंटने के बाद उत्तर भारत की सर्द हवाओं का असर निमाड़ क्षेत्र में बढ़ गया है। इससे ठंडक बढ़ने लगी है, और पूरा क्षेत्र कंपकंपा रहा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक कोहरे की मोटी चादर छाई रही। इससे तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। बीते छह दिनों में रात के तापमान में 7 डिग्री की कमी आई है। गेहूं और चने की फसल में दिखी वृद्धि मौसम में आए इस बदलाव के चलते सुबह के समय कोहरा जमने लगा है। हालांकि, यह रबी फसलों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है। गेहूं और चने की फसल को इससे काफी लाभ हो रहा है। शुक्रवार सुबह गेहूं की फसल पर ओस की चमचमाती बूंदें देखी गईं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सुबह से लेकर 10 बजे तक पूरा क्षेत्र कोहरे की मोटी चादर से ढंका रहा। इसके बाद सूर्य के दर्शन हुए और लोगों ने धूप का आनंद लिया। शाम होते ही ठंडी हवाओं का प्रभाव फिर से बढ़ जाता है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ रवींद्रसिंह सिकरवार ने बताया कि उत्तरी हवाओं की वजह से निमाड़ में ठंडक बढ़ रही है और आगामी दिनों में तापमान और गिरने की संभावना है। ठंड बढ़ने का रबी फसलों, विशेषकर गेहूं और चने की फसल, पर सकारात्मक असर हो रहा है। छह दिन में ऐसे गिरा तापमान