बड़वानी के जामा मस्जिद में सुबह 9:30 बजे नमाज:ईद उल अजहा पर लोगों ने लोगों ने दी मुबारकबाद
बड़वानी के जामा मस्जिद में सुबह 9:30 बजे नमाज:ईद उल अजहा पर लोगों ने लोगों ने दी मुबारकबाद
बड़वानी में शनिवार को ईद उल अजहा का त्योहार उत्साह से मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद और दरगाह में सुबह 9:30 बजे विशेष नमाज के लिए श्रद्धालु एकत्र हुए। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। बड़वानी के अलावा राजपुर, खेतिया, निवाली और पानसेमल में भी त्योहार की रौनक दिखी। इस्लाम धर्म में ईद उल अजहा को दूसरा प्रमुख त्योहार माना जाता है। इसे बकरा ईद भी कहते हैं। इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक यह त्योहार 7 जून को मनाया गया। त्योहार पर रिश्तेदारों से मुलाकात का विशेष महत्व है। लोग एक-दूसरे को उपहार देते हैं। बच्चे नए कपड़े पहनकर और ईदी लेकर खुशियां मनाते हैं। यह त्योहार भाईचारे और एकता का प्रतीक है।
बड़वानी में शनिवार को ईद उल अजहा का त्योहार उत्साह से मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद और दरगाह में सुबह 9:30 बजे विशेष नमाज के लिए श्रद्धालु एकत्र हुए। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। बड़वानी के अलावा राजपुर, खेतिया, निवाली और पानसेमल में भी त्योहार की रौनक दिखी। इस्लाम धर्म में ईद उल अजहा को दूसरा प्रमुख त्योहार माना जाता है। इसे बकरा ईद भी कहते हैं। इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक यह त्योहार 7 जून को मनाया गया। त्योहार पर रिश्तेदारों से मुलाकात का विशेष महत्व है। लोग एक-दूसरे को उपहार देते हैं। बच्चे नए कपड़े पहनकर और ईदी लेकर खुशियां मनाते हैं। यह त्योहार भाईचारे और एकता का प्रतीक है।