बालाघाट में 500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम तैयार:देश का 11वां पीएम अन्न भंडार, ग्रेडिंग मशीन से किसान बना सकेंगे बेहतर बीज
बालाघाट में 500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम तैयार:देश का 11वां पीएम अन्न भंडार, ग्रेडिंग मशीन से किसान बना सकेंगे बेहतर बीज
बालाघाट के परसवाड़ा सोसाइटी के चंदना में प्रदेश का पहला और देश का 11वां पीएम अन्न भंडारण गोदाम तैयार हो गया है। इस गोदाम की क्षमता 500 मीट्रिक टन है। वृहत्ताकार सोसाइटी परसवाड़ा के प्रबंधक के.एल. भगत ने बताया कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने देश के 11 स्थानों पर यह परियोजना शुरू की है। यह भारत सरकार की सबसे बड़ी अनाज भंडारण परियोजना है। गोदाम में एक विशेष ग्रेडिंग मशीन भी लगाई गई है। यह मशीन किसानों को बेहतर बीज छांटने में मदद करेगी। किसान अपनी ही उपज से अच्छा बीज तैयार कर सकेंगे। इससे उन्हें बाजार से महंगे बीज खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बेहतर बीज से फसल का उत्पादन भी बढ़ेगा। किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगा वृहत्ताकार सोसाइटी परसवाड़ा के प्रबंधक के.एल. भगत ने बताया कि सरकार का यह कदम किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगा। वे कम लागत में खेती कर पाएंगे और अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। निश्चित तौर पर इस योजना के माध्यम से किसानों को आसानी से अच्छे बीज की उपलब्धता होगी और किसान अपनी फसलों के उत्पादन को बढ़ाकर अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकेगा। प्रबंधक भगत बताते है कि इसके साथ ही सरकार सहकारिता के क्षेत्र को और भी सुविधाएं प्रदान की गई है। जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति परसवाड़ा में इसके अलावा, रासायनिक खाद और दवाओं के छिड़काव के छिड़काव के लिए ड्रोन की व्यवस्था की गई है जो रासायनिक खाद के साथ साथ दवाईयों का भी छिड़काव के लिए उपयोगी साबित होगा।
बालाघाट के परसवाड़ा सोसाइटी के चंदना में प्रदेश का पहला और देश का 11वां पीएम अन्न भंडारण गोदाम तैयार हो गया है। इस गोदाम की क्षमता 500 मीट्रिक टन है। वृहत्ताकार सोसाइटी परसवाड़ा के प्रबंधक के.एल. भगत ने बताया कि भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने देश के 11 स्थानों पर यह परियोजना शुरू की है। यह भारत सरकार की सबसे बड़ी अनाज भंडारण परियोजना है। गोदाम में एक विशेष ग्रेडिंग मशीन भी लगाई गई है। यह मशीन किसानों को बेहतर बीज छांटने में मदद करेगी। किसान अपनी ही उपज से अच्छा बीज तैयार कर सकेंगे। इससे उन्हें बाजार से महंगे बीज खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बेहतर बीज से फसल का उत्पादन भी बढ़ेगा। किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगा वृहत्ताकार सोसाइटी परसवाड़ा के प्रबंधक के.एल. भगत ने बताया कि सरकार का यह कदम किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगा। वे कम लागत में खेती कर पाएंगे और अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। निश्चित तौर पर इस योजना के माध्यम से किसानों को आसानी से अच्छे बीज की उपलब्धता होगी और किसान अपनी फसलों के उत्पादन को बढ़ाकर अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकेगा। प्रबंधक भगत बताते है कि इसके साथ ही सरकार सहकारिता के क्षेत्र को और भी सुविधाएं प्रदान की गई है। जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति परसवाड़ा में इसके अलावा, रासायनिक खाद और दवाओं के छिड़काव के छिड़काव के लिए ड्रोन की व्यवस्था की गई है जो रासायनिक खाद के साथ साथ दवाईयों का भी छिड़काव के लिए उपयोगी साबित होगा।