बड़वाह में नर्मदा जयंती महोत्सव की शुरुआत:अखंड ज्योति प्रज्वलति की; रोज शाम 7 बजे होगी संगीतमय महाआरती

मां नर्मदा की जयंती पर आयोजित 6 दिवसीय महोत्सव का आज नावघाट खेड़ी के नर्मदा तट पर भव्य शुभारंभ हुआ। मां मेकल सेवा संस्था के तत्वाधान में आयोजित इस महोत्सव की शुरुआत शुभ मुहूर्त में अखंड ज्योत प्रज्ज्वलन के साथ हुई। आचार्य पंडित गिरिजाशंकर अत्रे और वेदपाठी पंडितों ने विधि-विधान से मां रेवा का पूजन और अभिषेक किया। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 11 बजे कन्या भोजन और कन्या पूजन का आयोजन होगा। दोपहर 3 बजे वेदपाठी पंडित सहस्त्रार्चन और हवन करेंगे। शाम 7 बजे संगीतमय 108 दीपों से महाआरती और नर्मदाष्टक का पाठ होगा, जिसमें प्रख्यात भजन गायक अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम की विशेष झलकियां में 2 फरवरी को बसंत उत्सव पर भव्य आतिशबाजी के साथ महाआरती होगी। 4 फरवरी को नर्मदा सप्तमी के अवसर पर सुबह 301 लीटर दूध से मां का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। दोपहर 12 बजे महाआरती के दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी, जिसके बाद भंडारे का आयोजन होगा। आयोजन स्थल पर भव्य मंच सजाया गया है। भक्तों के स्वागत के लिए विशाल गेट बनाया गया है और पूरे क्षेत्र में आकर्षक लाइटिंग की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मेले में मनोरंजन के लिए झूले, खान-पान के स्टॉल और विभिन्न गेम्स की व्यवस्था की गई है। आचार्य पंडित गिरिजाशंकर अत्रे ने लोगों से नर्मदा तट की स्वच्छता बनाए रखने और साबुन-सर्फ का उपयोग न करने की अपील की है।

बड़वाह में नर्मदा जयंती महोत्सव की शुरुआत:अखंड ज्योति प्रज्वलति की; रोज शाम 7 बजे होगी संगीतमय महाआरती
मां नर्मदा की जयंती पर आयोजित 6 दिवसीय महोत्सव का आज नावघाट खेड़ी के नर्मदा तट पर भव्य शुभारंभ हुआ। मां मेकल सेवा संस्था के तत्वाधान में आयोजित इस महोत्सव की शुरुआत शुभ मुहूर्त में अखंड ज्योत प्रज्ज्वलन के साथ हुई। आचार्य पंडित गिरिजाशंकर अत्रे और वेदपाठी पंडितों ने विधि-विधान से मां रेवा का पूजन और अभिषेक किया। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह 11 बजे कन्या भोजन और कन्या पूजन का आयोजन होगा। दोपहर 3 बजे वेदपाठी पंडित सहस्त्रार्चन और हवन करेंगे। शाम 7 बजे संगीतमय 108 दीपों से महाआरती और नर्मदाष्टक का पाठ होगा, जिसमें प्रख्यात भजन गायक अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम की विशेष झलकियां में 2 फरवरी को बसंत उत्सव पर भव्य आतिशबाजी के साथ महाआरती होगी। 4 फरवरी को नर्मदा सप्तमी के अवसर पर सुबह 301 लीटर दूध से मां का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। दोपहर 12 बजे महाआरती के दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी, जिसके बाद भंडारे का आयोजन होगा। आयोजन स्थल पर भव्य मंच सजाया गया है। भक्तों के स्वागत के लिए विशाल गेट बनाया गया है और पूरे क्षेत्र में आकर्षक लाइटिंग की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मेले में मनोरंजन के लिए झूले, खान-पान के स्टॉल और विभिन्न गेम्स की व्यवस्था की गई है। आचार्य पंडित गिरिजाशंकर अत्रे ने लोगों से नर्मदा तट की स्वच्छता बनाए रखने और साबुन-सर्फ का उपयोग न करने की अपील की है।