पुरानी पेंशन समेत 51 मांगों को लेकर कर्मचारियों की महारैली:भोपाल के आंबेडकर पार्क में प्रदेशभर से जुटेंगे हजारों कर्मचारी, आरपार की लड़ाई का ऐलान

मध्य प्रदेश में कर्मचारी आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा रविवार को भोपाल के तुलसीनगर स्थित आंबेडकर पार्क में महारैली का आयोजन कर रहा है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली और पदोन्नति सहित 51 प्रमुख मांगों को लेकर यह आंदोलन का चौथा चरण है। मोर्चा के अध्यक्ष एमपी द्विवेदी, संयोजक महेंद्र शर्मा और एसबी सिंह ने बताया कि सरकार से कई बार वार्ता का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसलिए अब कर्मचारी संगठन आरपार की लड़ाई के लिए मैदान में उतर रहे हैं। महारैली में मोर्चा से जुड़े सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एकजुट होकर आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तैयार करेंगे। मध्य प्रदेश में पिछला बड़ा कर्मचारी आंदोलन 2010 में हुआ था। 2015 में अध्यापकों के आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था और तत्कालीन शिवराज सरकार को अध्यापकों को नियमित करना पड़ा था। इस बार भी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर दृढ़ संकल्पित हैं और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के महारैली में शामिल होने की उम्मीद है।

पुरानी पेंशन समेत 51 मांगों को लेकर कर्मचारियों की महारैली:भोपाल के आंबेडकर पार्क में प्रदेशभर से जुटेंगे हजारों कर्मचारी, आरपार की लड़ाई का ऐलान
मध्य प्रदेश में कर्मचारी आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा रविवार को भोपाल के तुलसीनगर स्थित आंबेडकर पार्क में महारैली का आयोजन कर रहा है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली और पदोन्नति सहित 51 प्रमुख मांगों को लेकर यह आंदोलन का चौथा चरण है। मोर्चा के अध्यक्ष एमपी द्विवेदी, संयोजक महेंद्र शर्मा और एसबी सिंह ने बताया कि सरकार से कई बार वार्ता का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसलिए अब कर्मचारी संगठन आरपार की लड़ाई के लिए मैदान में उतर रहे हैं। महारैली में मोर्चा से जुड़े सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एकजुट होकर आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तैयार करेंगे। मध्य प्रदेश में पिछला बड़ा कर्मचारी आंदोलन 2010 में हुआ था। 2015 में अध्यापकों के आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था और तत्कालीन शिवराज सरकार को अध्यापकों को नियमित करना पड़ा था। इस बार भी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर दृढ़ संकल्पित हैं और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के महारैली में शामिल होने की उम्मीद है।