रोज 70-80 किमी सायकल चलाता है अब तक 4 राज्यों की 13 सौ किमी की यात्रा पूरी
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद, 9 अप्रैल। दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से झारखंड के हजारीबाग जिला के ग्राम हटवे निवासी 27 वर्षीय आदिवासी दिव्यांग सजुल नकली हाथ व पैर के सहारे भारत की यात्रा करने सायकल से निकला है। वह अब तक 4 राज्यों की 13 सौ किलोमीटर की यात्रा कर चुका है। सजुल कल जिले के ग्राम बरबसपुर भूकेल स्थित एक होटल में ठहरा था। इसकी जानकारी मिली तो भूकेल के एक युवक नरेश पारेश्वर उनसे मिलने पहुंचे। और इसकी खबर हमारे संवाददाता को दी।
नरेश के पूूछने पर सजुल टुडू ने बताया कि उसने 18 मार्च 2025 से भारत भ्रमण के लिए सायकल से यात्रा शुरू की है। वह 7वीं तक पढ़ा है और प्रतिदिन 70 से 80 किलोमीटर सायकल चलाता है। अब तक उसने झारखंड से पश्चिम बंगाल होते हुये ओडि़शा राज्य में प्रवेश किया। अबी तीन दिन पहले ही जशपुर रायगढ़ छग पहुंचा। अब तक 20 दिनों में 1 हजार 323 किलोमीटर की यात्रा बिना पैसे के कर चुका।
रोज 70-80 किमी सायकल चलाता है अब तक 4 राज्यों की 13 सौ किमी की यात्रा पूरी
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद, 9 अप्रैल। दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से झारखंड के हजारीबाग जिला के ग्राम हटवे निवासी 27 वर्षीय आदिवासी दिव्यांग सजुल नकली हाथ व पैर के सहारे भारत की यात्रा करने सायकल से निकला है। वह अब तक 4 राज्यों की 13 सौ किलोमीटर की यात्रा कर चुका है। सजुल कल जिले के ग्राम बरबसपुर भूकेल स्थित एक होटल में ठहरा था। इसकी जानकारी मिली तो भूकेल के एक युवक नरेश पारेश्वर उनसे मिलने पहुंचे। और इसकी खबर हमारे संवाददाता को दी।
नरेश के पूूछने पर सजुल टुडू ने बताया कि उसने 18 मार्च 2025 से भारत भ्रमण के लिए सायकल से यात्रा शुरू की है। वह 7वीं तक पढ़ा है और प्रतिदिन 70 से 80 किलोमीटर सायकल चलाता है। अब तक उसने झारखंड से पश्चिम बंगाल होते हुये ओडि़शा राज्य में प्रवेश किया। अबी तीन दिन पहले ही जशपुर रायगढ़ छग पहुंचा। अब तक 20 दिनों में 1 हजार 323 किलोमीटर की यात्रा बिना पैसे के कर चुका।