दुर्घटना में मौत होने पर परिजन को मिलेंगे 2 लाख:कलेक्टर ने बनाई समिति, 30 दिन में देनी होगी जांच रिपोर्ट
दुर्घटना में मौत होने पर परिजन को मिलेंगे 2 लाख:कलेक्टर ने बनाई समिति, 30 दिन में देनी होगी जांच रिपोर्ट
जिले में वाहन से दुर्घटना होने पर मृतक के आश्रितों को सोलेशियम फंड से 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती थी। इसके स्थान पर हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना 2022 लागू की गई है। इस योजना से अज्ञात वाहन से दुर्घटना में मौत होने पर मृतक के आश्रितों को दो लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपए की सहायता राशि का प्रावधान है। योजना की मानीटरिंग के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। कलेक्टर इस समिति में एक स्वयंसेवी सदस्य को नामांकित करेंगे। बीमा कंपनी के अधिकारी को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पीड़ित व्यक्ति तहसीलदार और एसडीएम को निर्धारित प्रपत्र में सहायता राशि के लिए आवेदन प्रस्तुत करेंगे। आवेदन पत्र के साथ दावा कर्ता के बैंक खाते की फोटो कॉफी, अस्पताल में इलाज कराने के बिल, घायल या मृतक की पहचान और पता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करना आवश्यक है। इसके साथ-साथ पुलिस में दर्ज एफआईआर की प्रति, दावा करने वाले की पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रमाण पत्र, मौत की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित गंभीर चोट होने पर एमएलसी रिपोर्ट देना आवश्यक होगा। इसका आवेदन करने पर संबंधित जांच दावा अधिकारी तहसीलदार और एसडीएम 30 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर इस रिपोर्ट पर 15 दिन में आवश्यक कार्रवाई कर पीड़ित को सहायता राशि का भुगतान कराएंगे और परिवहन आयुक्त को रिपोर्ट भेजेंगे करेंगे।
जिले में वाहन से दुर्घटना होने पर मृतक के आश्रितों को सोलेशियम फंड से 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती थी। इसके स्थान पर हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना 2022 लागू की गई है। इस योजना से अज्ञात वाहन से दुर्घटना में मौत होने पर मृतक के आश्रितों को दो लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार रुपए की सहायता राशि का प्रावधान है। योजना की मानीटरिंग के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। इसमें पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। कलेक्टर इस समिति में एक स्वयंसेवी सदस्य को नामांकित करेंगे। बीमा कंपनी के अधिकारी को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पीड़ित व्यक्ति तहसीलदार और एसडीएम को निर्धारित प्रपत्र में सहायता राशि के लिए आवेदन प्रस्तुत करेंगे। आवेदन पत्र के साथ दावा कर्ता के बैंक खाते की फोटो कॉफी, अस्पताल में इलाज कराने के बिल, घायल या मृतक की पहचान और पता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करना आवश्यक है। इसके साथ-साथ पुलिस में दर्ज एफआईआर की प्रति, दावा करने वाले की पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रमाण पत्र, मौत की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित गंभीर चोट होने पर एमएलसी रिपोर्ट देना आवश्यक होगा। इसका आवेदन करने पर संबंधित जांच दावा अधिकारी तहसीलदार और एसडीएम 30 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। कलेक्टर इस रिपोर्ट पर 15 दिन में आवश्यक कार्रवाई कर पीड़ित को सहायता राशि का भुगतान कराएंगे और परिवहन आयुक्त को रिपोर्ट भेजेंगे करेंगे।