गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती पर शानदार प्रस्तुति, अंत तक आनंद लेते रहे दर्शक
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती पर शानदार प्रस्तुति, अंत तक आनंद लेते रहे दर्शक
छत्तीसगढ़ संवाददाता
भिलाई नगर, 20 मई। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 164वीं जयंती पर आयोजित रविंद्र सुधा भिलाई कार्यक्रम बहुत ही मनमोहक रहा। कार्यक्रम में गुरुदेव के लिखे एवं स्वरबद्ध गीतों को हूबहू उनकी स्वर लिपि के अनुसार ही प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। गीतों के साथ ही रवीन्द्र नृत्य की भी प्रस्तुति बच्चों और युवाओं द्वारा दी गई। गुरुदेव द्वारा लिखित नाटक डाकघर को भी तीन पीढ़ी के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम विशेषता यह थी कि गुरुदेव द्वारा रचित छ: ऋतुओं जिनमें ग्रीष्म, बरखा,शरद, हेमंत,शीत, बसंत के गीतों का समूह गान किया गया और गायिकाएं छ: ऋतुओं के रंगों की साडिय़ां पहन कर मंच पर रंग बिखेर रही थीं। कार्यक्रम का एक और आकर्षण बच्चों द्वारा किया गया नृत्य था जो कि रविंद्र संगीत के साथ प्रस्तुत किया गया।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
भिलाई नगर, 20 मई। गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 164वीं जयंती पर आयोजित रविंद्र सुधा भिलाई कार्यक्रम बहुत ही मनमोहक रहा। कार्यक्रम में गुरुदेव के लिखे एवं स्वरबद्ध गीतों को हूबहू उनकी स्वर लिपि के अनुसार ही प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। गीतों के साथ ही रवीन्द्र नृत्य की भी प्रस्तुति बच्चों और युवाओं द्वारा दी गई। गुरुदेव द्वारा लिखित नाटक डाकघर को भी तीन पीढ़ी के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम विशेषता यह थी कि गुरुदेव द्वारा रचित छ: ऋतुओं जिनमें ग्रीष्म, बरखा,शरद, हेमंत,शीत, बसंत के गीतों का समूह गान किया गया और गायिकाएं छ: ऋतुओं के रंगों की साडिय़ां पहन कर मंच पर रंग बिखेर रही थीं। कार्यक्रम का एक और आकर्षण बच्चों द्वारा किया गया नृत्य था जो कि रविंद्र संगीत के साथ प्रस्तुत किया गया।