कान्हा टाइगर रिजर्व में हॉक-फोर्स के जवानों ने उड़ाया ड्रोन:कोर एरिया में नियमों का उल्लंघन होने पर वन विभाग ने आईजी को लिखा पत्र

मंडला जिले में स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की जोन के कोर एरिया में हॉक फोर्स के जवानों ने ड्रोन उड़ा दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में हॉक फोर्स के जवान रिजर्व फॉरेस्ट के सख्त नियमों का उल्लंघन करते हुए ड्रोन उड़ाते नजर आ रहे हैं, जबकि रिजर्व क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 20 मई को बालाघाट रेंज के आईजी को एक पत्र लिखा है। इसमें उल्लेख किया गया है कि 19 मई की सफारी के दौरान कुछ लोग ड्रोन को हाथ में लेकर उड़ा रहे थे। जब चालक और गाइड ने उन्हें ड्रोन बंद करने के लिए कहा तो उन्होंने जवाब दिया कि वे पुलिस से हैं और बम्हनी दादर कैंप से पूरे कान्हा क्षेत्र की ड्रोन द्वारा निगरानी की जाती है। प्रबंधन ने इस व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। पत्र में बताया गया कि इससे पहले भी हॉक फोर्स के एक जवान को परसाटोला मैदान में वन्य प्राणी चीतल का सींग ले जाते हुए जिप्सी चालकों ने देखा था, जिसकी लिखित जानकारी पहले भी दी जा चुकी थी। प्रबंधन ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन हो रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व के साथ-साथ मध्य प्रदेश शासन की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व ने हॉक फोर्स के जवानों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और रिजर्व के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

कान्हा टाइगर रिजर्व में हॉक-फोर्स के जवानों ने उड़ाया ड्रोन:कोर एरिया में नियमों का उल्लंघन होने पर वन विभाग ने आईजी को लिखा पत्र
मंडला जिले में स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की जोन के कोर एरिया में हॉक फोर्स के जवानों ने ड्रोन उड़ा दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में हॉक फोर्स के जवान रिजर्व फॉरेस्ट के सख्त नियमों का उल्लंघन करते हुए ड्रोन उड़ाते नजर आ रहे हैं, जबकि रिजर्व क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 20 मई को बालाघाट रेंज के आईजी को एक पत्र लिखा है। इसमें उल्लेख किया गया है कि 19 मई की सफारी के दौरान कुछ लोग ड्रोन को हाथ में लेकर उड़ा रहे थे। जब चालक और गाइड ने उन्हें ड्रोन बंद करने के लिए कहा तो उन्होंने जवाब दिया कि वे पुलिस से हैं और बम्हनी दादर कैंप से पूरे कान्हा क्षेत्र की ड्रोन द्वारा निगरानी की जाती है। प्रबंधन ने इस व्यवहार को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। पत्र में बताया गया कि इससे पहले भी हॉक फोर्स के एक जवान को परसाटोला मैदान में वन्य प्राणी चीतल का सींग ले जाते हुए जिप्सी चालकों ने देखा था, जिसकी लिखित जानकारी पहले भी दी जा चुकी थी। प्रबंधन ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 का उल्लंघन हो रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व के साथ-साथ मध्य प्रदेश शासन की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। कान्हा टाइगर रिजर्व ने हॉक फोर्स के जवानों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और रिजर्व के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।