अरुणाचल प्रदेश में चुनाव आयोग की टीम ने वाहन से एक करोड़ रुपये नकद जब्त किए

ईटानगर, 5 अप्रैलअरुणाचल प्रदेश में निर्वाचन आयोग द्वारा तैनात उड़न दस्ते और सर्विलांस टीम ने लॉन्गडिंग जिले में एक वाहन से एक करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आयोग की टीमों ने बृहस्पतिवार शाम को कानुबड़ी जांच चौकी पर वाहन से नकदी जब्त की। उन्होंने बताया कि यह वाहन एक निजी निर्माण कंपनी के कार्यकारी निदेशक हर्षवर्धन सिंह के नाम पर पंजीकृत है। अधिकारी के मुताबिक, यह वाहन मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के काफिले के पीछ-पीछे जा रहा था। संगमा पार्टी की एक चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए जा रहे थे। लॉन्गडिंग के पुलिस अधीक्षक डेकियो गुमजा ने बताया, यह वाहन मुख्यमंत्री के काफिले का हिस्सा नहीं था बल्कि यह गाड़ियों के पीछे-पीछे चल रहा था। गुमजा ने बताया कि आयकर विभाग को जब्त की गयी नकदी के बारे में सूचित कर दिया गया और वह मामले की जांच कर उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए उसके हिसाब से कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नकदी, निर्माण कंपनी द्वारा मजदूरों के भुगतान के लिए थी। कंपनी का काम क्षेत्र में तीन स्थानों पर चल रहा है, जिसमें असम में सोनारी मेडिकल कॉलेज, अरुणाचल के तिराप जिले के खोंसा में ब्रिगेड मुख्यालय और शिवसागर में असम पुलिस बटालियन शामिल हैं। कंपनी ने मेघालय में कई परियोजनाओं को भी पूरा किया है, जिसमें विधानसभा का निर्माण भी शामिल है।(भाषा)

अरुणाचल प्रदेश में चुनाव आयोग की टीम ने वाहन से एक करोड़ रुपये नकद जब्त किए
ईटानगर, 5 अप्रैलअरुणाचल प्रदेश में निर्वाचन आयोग द्वारा तैनात उड़न दस्ते और सर्विलांस टीम ने लॉन्गडिंग जिले में एक वाहन से एक करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आयोग की टीमों ने बृहस्पतिवार शाम को कानुबड़ी जांच चौकी पर वाहन से नकदी जब्त की। उन्होंने बताया कि यह वाहन एक निजी निर्माण कंपनी के कार्यकारी निदेशक हर्षवर्धन सिंह के नाम पर पंजीकृत है। अधिकारी के मुताबिक, यह वाहन मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के काफिले के पीछ-पीछे जा रहा था। संगमा पार्टी की एक चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए जा रहे थे। लॉन्गडिंग के पुलिस अधीक्षक डेकियो गुमजा ने बताया, यह वाहन मुख्यमंत्री के काफिले का हिस्सा नहीं था बल्कि यह गाड़ियों के पीछे-पीछे चल रहा था। गुमजा ने बताया कि आयकर विभाग को जब्त की गयी नकदी के बारे में सूचित कर दिया गया और वह मामले की जांच कर उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए उसके हिसाब से कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नकदी, निर्माण कंपनी द्वारा मजदूरों के भुगतान के लिए थी। कंपनी का काम क्षेत्र में तीन स्थानों पर चल रहा है, जिसमें असम में सोनारी मेडिकल कॉलेज, अरुणाचल के तिराप जिले के खोंसा में ब्रिगेड मुख्यालय और शिवसागर में असम पुलिस बटालियन शामिल हैं। कंपनी ने मेघालय में कई परियोजनाओं को भी पूरा किया है, जिसमें विधानसभा का निर्माण भी शामिल है।(भाषा)