बाघ गणना पर कार्यशाला आयोजित

Tiger census

बाघ गणना पर कार्यशाला आयोजित

छत्तीसगढ़ संवाददाता गरियाबंद, 17 जनवरी। वन्यजीव संरक्षण के अंतर्गत बाघ गणना कार्य को प्रभावी ढंग से संपादित करने हेतु आज वनमंडल स्तर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वनमंडलाधिकारी गरियाबंद श्री ससीगानंधन,उप वनमंडलाधिकारी मनोज चन्द्राकर,राकेश चौबे,विकास चन्द्राकर,सहायक संचालक यूएसटीआर जगदीश दर्रो,समस्त वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित वनमंडल के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून से पहुंची श्रीमती ऋतु प्रजापति द्वारा बाघ गणना की नवीनतम पद्धतियों, फील्ड डाटा संग्रहण, कैमरा ट्रैपिंग, ट्रैक एवं साइन सर्वे, एम-स्ट्रिप्स एप के उपयोग तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आंकड़ों के विश्लेषण संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बाघों की पहचान, उनके आवास, संरक्षण की चुनौतियों तथा गणना प्रक्रिया में सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही, बाघ संरक्षण में वन विभाग की भूमिका एवं सामूहिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया। वनमंडलाधिकारी द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि बाघ गणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिससे वन्यजीव संरक्षण की रणनीतियाँ सुदृढ़ होती हैं। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम फील्ड कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यशाला का उद्देश्य बाघ गणना कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं वैज्ञानिक तरीके से संपन्न करना रहा ।