21 घंटे से बोरवेल में फंसी चेतना को निकालने में जुटी रेस्क्यू टीम
21 घंटे से बोरवेल में फंसी चेतना को निकालने में जुटी रेस्क्यू टीम
जयपुर।सोमवार दोपहर को बोरवेल में गिरी 3 साल की मासूम बच्ची को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन 21 घंटे से लगातार जारी है. इस मामले में SDRF के उप निरीक्षक रवि कुमार ने रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर मीडिया को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हम बच्ची तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसके चारों ओर बहुत अधिक मिट्टी होने के कारण हम अभी तक उस तक नहीं पहुंच पाए हैं. हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि लगातार बोरवेल में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है. साथ ही रिंग डालकर बच्ची को बाहर निकलने का प्रयास किया जा रहा है. ताजा जानकारी के मुताबिक बच्ची के नीचे रिंग लगाने में कामयाबी मिल गई है. इस दौरान पूरी एतिहात बरती जा रही है. गौरतलब है कि सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे खेत में खेलते हुए साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची बोरवेल में गिर गई थी. शुरुआत में 15 फीट पर अटकने के बाद करीब 150 फीट की गहराई में जाकर वह अटक गई. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर परिजनों को उसके बोरवेल में गिरने की जानकारी मिली थी.
मौके पर रेस्क्यू टीम जुगाड़ के जरिए बच्ची को बाहर निकालने की कोशिश कर रही है. इसके लिए हुक बनाकर बोरवेल में डाला जा रहा है, लेकिन देसी जुगाड़ से बच्ची को बाहर निकालने के प्रयास दो बार विफल हो चुके हैं. फिलहाल मौके पर NDRF, SDRF की टीम रेस्क्यू आप्रेशन कर रही है. अब फिर से रेस्क्यू टीम जुगाड़ के माध्यम से बच्ची को निकालने का प्रयास कर रही है. बालिका के गिरने के दौरान मिट्टी नीचे साथ जाने से रेस्क्यू सही से नहीं हो पा रहा है. इस बीच पूरी रात भर कड़ाके की ठंड में परिजन और ग्रामीण सोए नहीं हैं. सभी बच्ची को बाहर निकालने की दुआएं कर रहे हैं. चेतना की मांं धोली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.
बोरवेल में फंसी चेतना को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम में एनडीआरएफ के 25 और एसडीआरएफ के 15 जवान शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस विभाग से कोटपूतली एसपी, एएसपी, डीएसपी और तीन थानों के एसएचओ समेत 40 पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं. स्वास्थ्य विभाग से सीएमएचओ, बीसीएमएचओ, पीडियाट्रिशियन और एनेस्थीसिया के विभागाध्यक्ष और 19 नर्सिंग स्टाफ को भी मौके पर रखा गया है. जबकि फायर ब्रिगेड, जेसीबी और नगर परिषद के 25 कर्मचारी भी तैनात हैं.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बच्ची के बोरवेल में गिरने की खबर पर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन से मेरा आग्रह है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाकर बच्ची को जल्द से जल्द बोरवेल से बाहर निकाला जाए. मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि उस मासूम बच्ची को सकुशल रखें, साथ ही मैं लोगों से अपील करता हूं कि यदि उनकी जमीन पर खुले बोरवेल हैं, तो तत्काल उन्हें भरवाएं या अच्छी तरह से ढक दें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों.
जयपुर।सोमवार दोपहर को बोरवेल में गिरी 3 साल की मासूम बच्ची को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन 21 घंटे से लगातार जारी है. इस मामले में SDRF के उप निरीक्षक रवि कुमार ने रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर मीडिया को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हम बच्ची तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसके चारों ओर बहुत अधिक मिट्टी होने के कारण हम अभी तक उस तक नहीं पहुंच पाए हैं. हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि लगातार बोरवेल में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है. साथ ही रिंग डालकर बच्ची को बाहर निकलने का प्रयास किया जा रहा है. ताजा जानकारी के मुताबिक बच्ची के नीचे रिंग लगाने में कामयाबी मिल गई है. इस दौरान पूरी एतिहात बरती जा रही है. गौरतलब है कि सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे खेत में खेलते हुए साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची बोरवेल में गिर गई थी. शुरुआत में 15 फीट पर अटकने के बाद करीब 150 फीट की गहराई में जाकर वह अटक गई. बच्ची के रोने की आवाज सुनकर परिजनों को उसके बोरवेल में गिरने की जानकारी मिली थी.
मौके पर रेस्क्यू टीम जुगाड़ के जरिए बच्ची को बाहर निकालने की कोशिश कर रही है. इसके लिए हुक बनाकर बोरवेल में डाला जा रहा है, लेकिन देसी जुगाड़ से बच्ची को बाहर निकालने के प्रयास दो बार विफल हो चुके हैं. फिलहाल मौके पर NDRF, SDRF की टीम रेस्क्यू आप्रेशन कर रही है. अब फिर से रेस्क्यू टीम जुगाड़ के माध्यम से बच्ची को निकालने का प्रयास कर रही है. बालिका के गिरने के दौरान मिट्टी नीचे साथ जाने से रेस्क्यू सही से नहीं हो पा रहा है. इस बीच पूरी रात भर कड़ाके की ठंड में परिजन और ग्रामीण सोए नहीं हैं. सभी बच्ची को बाहर निकालने की दुआएं कर रहे हैं. चेतना की मांं धोली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.
बोरवेल में फंसी चेतना को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम में एनडीआरएफ के 25 और एसडीआरएफ के 15 जवान शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस विभाग से कोटपूतली एसपी, एएसपी, डीएसपी और तीन थानों के एसएचओ समेत 40 पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं. स्वास्थ्य विभाग से सीएमएचओ, बीसीएमएचओ, पीडियाट्रिशियन और एनेस्थीसिया के विभागाध्यक्ष और 19 नर्सिंग स्टाफ को भी मौके पर रखा गया है. जबकि फायर ब्रिगेड, जेसीबी और नगर परिषद के 25 कर्मचारी भी तैनात हैं.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बच्ची के बोरवेल में गिरने की खबर पर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन से मेरा आग्रह है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाकर बच्ची को जल्द से जल्द बोरवेल से बाहर निकाला जाए. मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि उस मासूम बच्ची को सकुशल रखें, साथ ही मैं लोगों से अपील करता हूं कि यदि उनकी जमीन पर खुले बोरवेल हैं, तो तत्काल उन्हें भरवाएं या अच्छी तरह से ढक दें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों.