हरदा में स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन:7 अप्रेल को काली पट्टी विरोध, 22 से करेंगे हड़ताल; नियमितीकरण समेत 8 मांगें रखीं
हरदा में स्वास्थ्यकर्मियों का आंदोलन:7 अप्रेल को काली पट्टी विरोध, 22 से करेंगे हड़ताल; नियमितीकरण समेत 8 मांगें रखीं
प्रदेश में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है। संघ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संविदा नीति 2025 में संशोधन चाहता है। हरदा में भी स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल की महापंचायत में समस्याओं के समाधान का वादा किया था। लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके लेकर 7 अप्रैल को स्वास्थ्यकर्मी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। 16 अप्रैल को रैली निकालेंगे। कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो 22 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। यह है प्रमुख मांगे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में विभाग के रिक्त पदों पर संविलियन से नियमितीकरण शामिल है। वे ईएल और मेडिकल सुविधाओं को अलग करने का विरोध कर रहे हैं। अनुबंध प्रथा को समाप्त करने और अप्रेजल सिस्टम में बदलाव भी चाहते हैं। कर्मचारी सेवानिवृत्ति आयु को 65 से घटाकर 62 वर्ष करने का विरोध कर रहे हैं। साथ ही एनपीएस, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा और महंगाई भत्ते की सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है। संघ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संविदा नीति 2025 में संशोधन चाहता है। हरदा में भी स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल की महापंचायत में समस्याओं के समाधान का वादा किया था। लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके लेकर 7 अप्रैल को स्वास्थ्यकर्मी काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। 16 अप्रैल को रैली निकालेंगे। कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो 22 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। यह है प्रमुख मांगे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में विभाग के रिक्त पदों पर संविलियन से नियमितीकरण शामिल है। वे ईएल और मेडिकल सुविधाओं को अलग करने का विरोध कर रहे हैं। अनुबंध प्रथा को समाप्त करने और अप्रेजल सिस्टम में बदलाव भी चाहते हैं। कर्मचारी सेवानिवृत्ति आयु को 65 से घटाकर 62 वर्ष करने का विरोध कर रहे हैं। साथ ही एनपीएस, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा और महंगाई भत्ते की सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।