सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने की शिकायत, एफआईआर की मांग

छत्तीसगढ़ संवाददाता रामानुजगंज, 19 जून। सोशल मीडिया पर कै बिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम के विरुद्ध कथित रूप से आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए वीडियो प्रसारित करने के मामले में पुलिस थाना रामचन्द्रपुर में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि रामचन्द्रपुर निवासी समसेर आलम द्वारा 17 जून को इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो अपलोड किया गया, जिसमें मंत्री रामविचार नेताम के खिलाफ कथित रूप से गाली-गलौज, धमकी एवं उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि उक्त वीडियो से मंत्री की सामाजिक एवं राजनीतिक छवि को क्षति पहुंची है तथा क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वीडियो में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और जानबूझकर उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से प्रसारित किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से समसेर आलम के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने तथा सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए कथित आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की मांग की है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज होने अथवा किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच एवं पुलिस की कार्रवाई के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।

सोशल मीडिया पर मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने की शिकायत, एफआईआर की मांग
छत्तीसगढ़ संवाददाता रामानुजगंज, 19 जून। सोशल मीडिया पर कै बिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम के विरुद्ध कथित रूप से आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए वीडियो प्रसारित करने के मामले में पुलिस थाना रामचन्द्रपुर में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि रामचन्द्रपुर निवासी समसेर आलम द्वारा 17 जून को इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो अपलोड किया गया, जिसमें मंत्री रामविचार नेताम के खिलाफ कथित रूप से गाली-गलौज, धमकी एवं उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। आवेदन में कहा गया है कि उक्त वीडियो से मंत्री की सामाजिक एवं राजनीतिक छवि को क्षति पहुंची है तथा क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वीडियो में लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और जानबूझकर उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से प्रसारित किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से समसेर आलम के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने तथा सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए कथित आपत्तिजनक वीडियो को हटाने की मांग की है। फिलहाल, इस मामले में पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज होने अथवा किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच एवं पुलिस की कार्रवाई के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।