समय पर काम न होने पर अफसरों से वसूली:कलेक्टर बोले- 15 जून से चला अभियान; 11,900 से ज्यादा प्रकरणों का हुआ निपटारा

हमने विशेष राजस्व अभियान पिछले महीने की 15 तारीख से शुरू किया, जिसकी समय सीमा 31 जुलाई रखी है। इस अभियान में लक्ष्य रखा कि 31 मई तक जितने भी हमारे राजस्व के प्रकरण मिले है उन सभी का निराकरण किया जाएगा। यह कहना है कलेक्टर आशीष सिंह का। उन्होंने बताया कि बुधवार को राजस्व अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा बैठक की। इसके साथ ही कलेक्टर ने एक आदेश भी निकाला है। कलेक्टर आशीष ने बताया कि समीक्षा में पाया कि डेढ़ महीने में नामांतरण के करीब 5 हजार प्रकरण, सीमांकन के लगभग ढ़ाई हजार प्रकरण और बटांकन के लगभग दो हजार प्रकरण इसी प्रकार अभिलेख दुरुस्ती, कब्जे वाले विवाद सहित कई प्रकरणों का निराकरण किया है। कल यानी 31 जुलाई तक हमारे पास कोई भी ऐसा प्रकरण नहीं रहेगा जो 31 मई से पहले का हो। इतने प्रकरणों का किया निराकरण इस तरह जिले में अभियान के तहत कुल 11 हजार 904 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। कलेक्टर ने आदेश जारी किया कलेक्टर ने बताया कि बुधवार को एक नया आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति 31 जुलाई के बाद यह सूचना देता है कि उसने आरसीएमएस प्रकरण का क्रमांक या लोक सेवा केंद्र में जमा प्रकरण की पावती दिखाई है, और वह पावती 31 मई से पहले की है, लेकिन उसका प्रकरण अब तक निराकृत नहीं हुआ, तो उस व्यक्ति को 5 हजार रुपए का मुआवज़ा मिलेगा। साथ ही, इस देरी के लिए संबंधित राजस्व अधिकारी से वसूली भी की जाएगी।कलेक्टर ने कहा कि यह पहला ऐसा अभियान है जिसमें सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया गया है। मामलों का हल तेजी से किया जाएगा कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों की काम के लिए तारीफ की और कहा कि उन्होंने अभियान के तहत मामलों को तेजी से निपटाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि अब आगे भी राजस्व से जुड़े मामलों को जल्दी और लगातार सुलझाया जाए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिन मामलों का हल हो गया है, उनका अमल तुरंत कराया जाए और सारी जानकारी रजिस्टर और रिकॉर्ड में समय पर दर्ज की जाए, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।

समय पर काम न होने पर अफसरों से वसूली:कलेक्टर बोले- 15 जून से चला अभियान; 11,900 से ज्यादा प्रकरणों का हुआ निपटारा
हमने विशेष राजस्व अभियान पिछले महीने की 15 तारीख से शुरू किया, जिसकी समय सीमा 31 जुलाई रखी है। इस अभियान में लक्ष्य रखा कि 31 मई तक जितने भी हमारे राजस्व के प्रकरण मिले है उन सभी का निराकरण किया जाएगा। यह कहना है कलेक्टर आशीष सिंह का। उन्होंने बताया कि बुधवार को राजस्व अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा बैठक की। इसके साथ ही कलेक्टर ने एक आदेश भी निकाला है। कलेक्टर आशीष ने बताया कि समीक्षा में पाया कि डेढ़ महीने में नामांतरण के करीब 5 हजार प्रकरण, सीमांकन के लगभग ढ़ाई हजार प्रकरण और बटांकन के लगभग दो हजार प्रकरण इसी प्रकार अभिलेख दुरुस्ती, कब्जे वाले विवाद सहित कई प्रकरणों का निराकरण किया है। कल यानी 31 जुलाई तक हमारे पास कोई भी ऐसा प्रकरण नहीं रहेगा जो 31 मई से पहले का हो। इतने प्रकरणों का किया निराकरण इस तरह जिले में अभियान के तहत कुल 11 हजार 904 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। कलेक्टर ने आदेश जारी किया कलेक्टर ने बताया कि बुधवार को एक नया आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति 31 जुलाई के बाद यह सूचना देता है कि उसने आरसीएमएस प्रकरण का क्रमांक या लोक सेवा केंद्र में जमा प्रकरण की पावती दिखाई है, और वह पावती 31 मई से पहले की है, लेकिन उसका प्रकरण अब तक निराकृत नहीं हुआ, तो उस व्यक्ति को 5 हजार रुपए का मुआवज़ा मिलेगा। साथ ही, इस देरी के लिए संबंधित राजस्व अधिकारी से वसूली भी की जाएगी।कलेक्टर ने कहा कि यह पहला ऐसा अभियान है जिसमें सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया गया है। मामलों का हल तेजी से किया जाएगा कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों की काम के लिए तारीफ की और कहा कि उन्होंने अभियान के तहत मामलों को तेजी से निपटाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि अब आगे भी राजस्व से जुड़े मामलों को जल्दी और लगातार सुलझाया जाए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिन मामलों का हल हो गया है, उनका अमल तुरंत कराया जाए और सारी जानकारी रजिस्टर और रिकॉर्ड में समय पर दर्ज की जाए, ताकि बाद में कोई परेशानी न हो।