बालाघाट में व्यापारी के गोदाम से 6500 क्विंटल धान जब्त:गोदाम सील, टीम को देख एकेएन ट्रेडर्स का प्रभारी भागा
बालाघाट में व्यापारी के गोदाम से 6500 क्विंटल धान जब्त:गोदाम सील, टीम को देख एकेएन ट्रेडर्स का प्रभारी भागा
बालाघाट में प्रशासनिक टीम ने एक व्यापारी के गोदाम से 6500 क्विंटल धान जब्त कर उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर की गई, जिसका उद्देश्य धान उपार्जन के दौरान व्यापारियों द्वारा किसानों के नाम पर धान बेचने की अनियमितताओं को रोकना है। किरनापुर क्षेत्र के परसवाड़ा स्थित एकेएन ट्रेडर्स पर जब प्रशासनिक टीम जांच के लिए पहुंची, तो प्रतिष्ठान का प्रभारी टीम को देखते ही मौके से भाग गया। टीम में तहसीलदार बबीता सूर्या, मंडी निरीक्षक भीमेंद्र चौधरी और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मिलन तिवारी शामिल थे। जांच के दौरान टीम को गोदाम में 6500 क्विंटल धान का भंडारण मिला। निरीक्षण के समय एकेएन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर अरविंद नागफांसे अनुपस्थित थे, जबकि उनके प्रतिनिधि अनिल नागफांसे टीम को देखकर भाग गए। इस स्थिति में, प्रतिष्ठान में मिले 6500 क्विंटल धान को जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान से जुड़े सदस्यों ने प्रशासनिक टीम के साथ असहयोग किया। प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध भंडारण या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बालाघाट में प्रशासनिक टीम ने एक व्यापारी के गोदाम से 6500 क्विंटल धान जब्त कर उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर की गई, जिसका उद्देश्य धान उपार्जन के दौरान व्यापारियों द्वारा किसानों के नाम पर धान बेचने की अनियमितताओं को रोकना है। किरनापुर क्षेत्र के परसवाड़ा स्थित एकेएन ट्रेडर्स पर जब प्रशासनिक टीम जांच के लिए पहुंची, तो प्रतिष्ठान का प्रभारी टीम को देखते ही मौके से भाग गया। टीम में तहसीलदार बबीता सूर्या, मंडी निरीक्षक भीमेंद्र चौधरी और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मिलन तिवारी शामिल थे। जांच के दौरान टीम को गोदाम में 6500 क्विंटल धान का भंडारण मिला। निरीक्षण के समय एकेएन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर अरविंद नागफांसे अनुपस्थित थे, जबकि उनके प्रतिनिधि अनिल नागफांसे टीम को देखकर भाग गए। इस स्थिति में, प्रतिष्ठान में मिले 6500 क्विंटल धान को जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान से जुड़े सदस्यों ने प्रशासनिक टीम के साथ असहयोग किया। प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध भंडारण या नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।