नीमच के चिंताखेड़ा में ट्रेचिंग ग्राउंड का विरोध:स्कूल के पास कचरा डालने पर उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल की चेतावनी दी
नीमच के चिंताखेड़ा में ट्रेचिंग ग्राउंड का विरोध:स्कूल के पास कचरा डालने पर उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल की चेतावनी दी
नीमच नगर पालिका द्वारा जीरन तहसील के ग्राम चिंताखेड़ा में शहर का कचरा डालने के लिए प्रस्तावित ट्रेचिंग ग्राउंड का मामला गरमा गया है। सोमवार को सरपंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों ने तहसीलदार अजेंद्रनाथ प्रजापत को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने प्रस्तावित इस ट्रेचिंग ग्राउंड के निर्माण के निर्णय को तत्काल निरस्त किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर नगर पालिका कचरा फेंकने की योजना बना रही है, वहां पास ही एक स्कूल है। इस स्कूल में आसपास के करीब 10-12 गांवों के 500 से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। यह स्कूल एक प्रमुख बोर्ड परीक्षा केंद्र भी है। कचरे के ढेर से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी और उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बीमारियां फैलने का अंदेशा विरोध जता रहे ग्रामीणों ने बताया कि चिन्हित की गई भूमि आबादी क्षेत्र से महज 500 से 700 मीटर की दूरी पर है, जिससे पूरे गांव में संक्रमण और बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहेगा। यह भूमि मुख्य मार्ग से भी जुड़ी हुई है और पास में ही अंबा माता का मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। कचरा घर बनने से श्रद्धालुओं और राहगीरों का वहां से गुजरना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यह भूमि पूर्व में पुलिस चौकी के लिए प्रस्तावित की गई थी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि ट्रेचिंग ग्राउंड बनाने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो समस्त ग्रामवासी आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जवाबदारी नगर पालिका और जिला प्रशासन की होगी।
नीमच नगर पालिका द्वारा जीरन तहसील के ग्राम चिंताखेड़ा में शहर का कचरा डालने के लिए प्रस्तावित ट्रेचिंग ग्राउंड का मामला गरमा गया है। सोमवार को सरपंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण नीमच कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों ने तहसीलदार अजेंद्रनाथ प्रजापत को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई है कि शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के सामने प्रस्तावित इस ट्रेचिंग ग्राउंड के निर्माण के निर्णय को तत्काल निरस्त किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर नगर पालिका कचरा फेंकने की योजना बना रही है, वहां पास ही एक स्कूल है। इस स्कूल में आसपास के करीब 10-12 गांवों के 500 से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। यह स्कूल एक प्रमुख बोर्ड परीक्षा केंद्र भी है। कचरे के ढेर से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी और उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। बीमारियां फैलने का अंदेशा विरोध जता रहे ग्रामीणों ने बताया कि चिन्हित की गई भूमि आबादी क्षेत्र से महज 500 से 700 मीटर की दूरी पर है, जिससे पूरे गांव में संक्रमण और बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहेगा। यह भूमि मुख्य मार्ग से भी जुड़ी हुई है और पास में ही अंबा माता का मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। कचरा घर बनने से श्रद्धालुओं और राहगीरों का वहां से गुजरना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि यह भूमि पूर्व में पुलिस चौकी के लिए प्रस्तावित की गई थी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि ट्रेचिंग ग्राउंड बनाने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो समस्त ग्रामवासी आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जवाबदारी नगर पालिका और जिला प्रशासन की होगी।