देवास में मां नर्मदा जन्मोत्सव:ए.बी. रोड स्थित रेत मंडी में होगा आयोजन; महाआरती, भंडारा 25 जनवरी को

देवास जिला रेत व्यापारी एसोसिएशन द्वारा माँ नर्मदा जन्मोत्सव के अवसर पर 25 जनवरी को महाआरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम देवास नगर बायपास, ए.बी. रोड स्थित रेत मंडी, नवीन ट्रैफिक थाना के सामने प्रातः 11 बजे से होगा। एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य नितेश मालवीय ने बताया कि माँ नर्मदा भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं। उनकी कृपा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और समाज में समानता, समरसता तथा सेवा-भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर विधायक गायत्री राजे पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेधव और रेती व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष विजय गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। एसोसिएशन ने देवास जिले के सभी माँ नर्मदा भक्तों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। कार्यक्रम में माँ नर्मदा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, भजन-कीर्तन और प्रसादी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ की जाएँगी। इसके साथ ही, परिक्रमा मार्गों पर आदिवासी समाज को जोड़कर सेवा और सहयोग के इस अभियान को सशक्त करने का प्रयास किया जाएगा।

देवास में मां नर्मदा जन्मोत्सव:ए.बी. रोड स्थित रेत मंडी में होगा आयोजन; महाआरती, भंडारा 25 जनवरी को
देवास जिला रेत व्यापारी एसोसिएशन द्वारा माँ नर्मदा जन्मोत्सव के अवसर पर 25 जनवरी को महाआरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम देवास नगर बायपास, ए.बी. रोड स्थित रेत मंडी, नवीन ट्रैफिक थाना के सामने प्रातः 11 बजे से होगा। एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य नितेश मालवीय ने बताया कि माँ नर्मदा भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं। उनकी कृपा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और समाज में समानता, समरसता तथा सेवा-भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर विधायक गायत्री राजे पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेधव और रेती व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष विजय गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। एसोसिएशन ने देवास जिले के सभी माँ नर्मदा भक्तों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। कार्यक्रम में माँ नर्मदा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, भजन-कीर्तन और प्रसादी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ की जाएँगी। इसके साथ ही, परिक्रमा मार्गों पर आदिवासी समाज को जोड़कर सेवा और सहयोग के इस अभियान को सशक्त करने का प्रयास किया जाएगा।