टीकमगढ़ में 9 बंडा नहर से लोगों ने हटाया कब्जा:33 में से 20 लोगों ने नहीं किया, 11 जून तक डेडलाइन

टीकमगढ़ में महेंद्र सागर तालाब से वृंदावन तालाब तक जाने वाली बंडा नहर से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। कलेक्टर विवेक श्रोतिय के निर्देश पर प्रशासन ने नहर पर बने अवैध मकान, दुकानें और निर्माणों को हटाने का अभियान शुरू किया है। जिसकी अंतिम डेडलाइन 11 जून 2025 तय की गई है। राजशाही किले के सामने से 12 अतिक्रमण पहले ही हटाए जा चुके हैं। आंबेडकर तिराहा से बस स्टैंड रोड तक के हिस्से में 33 लोगों को नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 9 लोगों ने स्वेच्छा से अपना कब्जा हटा लिया है। इनमें संतोष रजक, बाबू कुशवाहा, आनंद प्रजापति सहित अन्य लोग शामिल हैं। अब तक 20 से अधिक लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया है। उनके विरुद्ध 11 जून के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका क्षेत्र की इस नहर पर कई लोगों ने कच्चे-पक्के मकान और दुकानें बना रखी थीं। अतिक्रमण करने वालों में भाजपा के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव और तहसील कार्यालय के बाबू बलिराम अहिरवार भी शामिल हैं, जिन्होंने पहले ही अपने अतिक्रमण हटा लिए हैं। तहसीलदार अरविंद यादव ने बताया कि बरसात से पहले पूरी नहर को अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा, ताकि वर्षा का जल महेंद्र सागर तालाब से वृंदावन तालाब तक निर्बाध रूप से पहुंच सके। जो लोग निर्धारित समय तक कब्जा नहीं हटाएंगे, उनके निर्माण को जेसीबी से तोड़ा जाएगा। राजशाही काल में निर्मित यह नहर वृंदावन तालाब को भरने के उद्देश्य से बनाई गई थी। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई नहर के संरक्षण और जल प्रवाह की पुनर्स्थापना के लिए की जा रही है। आज आंबेडकर तिराहा से खादी आश्रम तक 9 लोगों ने स्वयं अपना मकान और दुकानें हटाई हैं।

टीकमगढ़ में 9 बंडा नहर से लोगों ने हटाया कब्जा:33 में से 20 लोगों ने नहीं किया, 11 जून तक डेडलाइन
टीकमगढ़ में महेंद्र सागर तालाब से वृंदावन तालाब तक जाने वाली बंडा नहर से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। कलेक्टर विवेक श्रोतिय के निर्देश पर प्रशासन ने नहर पर बने अवैध मकान, दुकानें और निर्माणों को हटाने का अभियान शुरू किया है। जिसकी अंतिम डेडलाइन 11 जून 2025 तय की गई है। राजशाही किले के सामने से 12 अतिक्रमण पहले ही हटाए जा चुके हैं। आंबेडकर तिराहा से बस स्टैंड रोड तक के हिस्से में 33 लोगों को नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 9 लोगों ने स्वेच्छा से अपना कब्जा हटा लिया है। इनमें संतोष रजक, बाबू कुशवाहा, आनंद प्रजापति सहित अन्य लोग शामिल हैं। अब तक 20 से अधिक लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया है। उनके विरुद्ध 11 जून के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका क्षेत्र की इस नहर पर कई लोगों ने कच्चे-पक्के मकान और दुकानें बना रखी थीं। अतिक्रमण करने वालों में भाजपा के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव और तहसील कार्यालय के बाबू बलिराम अहिरवार भी शामिल हैं, जिन्होंने पहले ही अपने अतिक्रमण हटा लिए हैं। तहसीलदार अरविंद यादव ने बताया कि बरसात से पहले पूरी नहर को अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाएगा, ताकि वर्षा का जल महेंद्र सागर तालाब से वृंदावन तालाब तक निर्बाध रूप से पहुंच सके। जो लोग निर्धारित समय तक कब्जा नहीं हटाएंगे, उनके निर्माण को जेसीबी से तोड़ा जाएगा। राजशाही काल में निर्मित यह नहर वृंदावन तालाब को भरने के उद्देश्य से बनाई गई थी। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई नहर के संरक्षण और जल प्रवाह की पुनर्स्थापना के लिए की जा रही है। आज आंबेडकर तिराहा से खादी आश्रम तक 9 लोगों ने स्वयं अपना मकान और दुकानें हटाई हैं।