गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जयंती पर सांस्कृतिक आयोजन, रविंद्र संगीत की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जयंती पर सांस्कृतिक आयोजन, रविंद्र संगीत की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर, 11 मई। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर नेताजी बंग समाज कल्याण समिति द्वारा भगवानपुर स्थित मधुर मिलन परिसर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गुरुदेव टैगोर की कविताओं के अंश मूल बांग्ला भाषा में प्रस्तुत करते हुए उनके साहित्य, रचनाओं एवं बंगाली समाज की सांस्कृतिक परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज द्वारा संस्कृति संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि सांसद चिंतामणि महाराज ने बांग्ला भाषा में सभी को गुरुदेव जयंती की शुभकामनाएं देते हुए टैगोर के जीवन, राष्ट्रगान की रचना, नोबेल पुरस्कार, गीतांजलि एवं अन्य साहित्यिक कृतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सनातन परंपरा में बंगाली समाज की भूमिका की प्रशंसा की।
समिति के अध्यक्ष दिलीप धर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बंगाली समाज की भाषा, साहित्य एवं कला के संरक्षण और संवर्धन पर बल देते हुए कहा कि गुरुदेव टैगोर के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में कुलदीप सिंह कथुर ने शांतिनिकेतन में अध्ययन के अनुभव साझा किए, जबकि दिलीप कुमार विश्वास ने गुरुदेव के जीवन, नोबेल पुरस्कार एवं राष्ट्रगान की रचना से जुड़ी जानकारी दी। शिल्पा पांडे एवं नूतन विश्वास ने महिला शिक्षा और रविंद्र संगीत के महत्व पर अपने विचार रखे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिमांगी त्रिपाठी, भानु प्रकाश मुखर्जी, जय किशन विश्वास, मोनालिका सोनी, सीमा खानवलकर, शिल्पी, अनुकूल समद्दार, सीमा अधिकारी, संचित रानी धर, इशिता पाल, आतिशी मुखर्जी एवं पावी हालदार ने रविंद्र संगीत एवं गीतांजलि की कविताओं की प्रस्तुति दी। वहीं प्रगति विश्वास, प्रतीक विश्वास, खुशी सरकार, पूनम हालदार, अंकित विश्वास, बबली मजूमदार एवं निधिवी समूह ने सामूहिक एवं एकल नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम का संचालन सुनीता दास एवं लिली बसुराय ने किया। इस अवसर पर कलाकारों एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी, महिला सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर, 11 मई। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर नेताजी बंग समाज कल्याण समिति द्वारा भगवानपुर स्थित मधुर मिलन परिसर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गुरुदेव टैगोर की कविताओं के अंश मूल बांग्ला भाषा में प्रस्तुत करते हुए उनके साहित्य, रचनाओं एवं बंगाली समाज की सांस्कृतिक परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज द्वारा संस्कृति संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि सांसद चिंतामणि महाराज ने बांग्ला भाषा में सभी को गुरुदेव जयंती की शुभकामनाएं देते हुए टैगोर के जीवन, राष्ट्रगान की रचना, नोबेल पुरस्कार, गीतांजलि एवं अन्य साहित्यिक कृतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने सनातन परंपरा में बंगाली समाज की भूमिका की प्रशंसा की।
समिति के अध्यक्ष दिलीप धर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बंगाली समाज की भाषा, साहित्य एवं कला के संरक्षण और संवर्धन पर बल देते हुए कहा कि गुरुदेव टैगोर के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम में कुलदीप सिंह कथुर ने शांतिनिकेतन में अध्ययन के अनुभव साझा किए, जबकि दिलीप कुमार विश्वास ने गुरुदेव के जीवन, नोबेल पुरस्कार एवं राष्ट्रगान की रचना से जुड़ी जानकारी दी। शिल्पा पांडे एवं नूतन विश्वास ने महिला शिक्षा और रविंद्र संगीत के महत्व पर अपने विचार रखे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिमांगी त्रिपाठी, भानु प्रकाश मुखर्जी, जय किशन विश्वास, मोनालिका सोनी, सीमा खानवलकर, शिल्पी, अनुकूल समद्दार, सीमा अधिकारी, संचित रानी धर, इशिता पाल, आतिशी मुखर्जी एवं पावी हालदार ने रविंद्र संगीत एवं गीतांजलि की कविताओं की प्रस्तुति दी। वहीं प्रगति विश्वास, प्रतीक विश्वास, खुशी सरकार, पूनम हालदार, अंकित विश्वास, बबली मजूमदार एवं निधिवी समूह ने सामूहिक एवं एकल नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम का संचालन सुनीता दास एवं लिली बसुराय ने किया। इस अवसर पर कलाकारों एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी, महिला सदस्य, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिला-पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे।