खंडवा में करंट लगने से बिजलीकर्मी की मौत:मीटर रीडर को ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ाया, अचानक सप्लाई चालू कर दी; चक्काजाम किया
खंडवा में करंट लगने से बिजलीकर्मी की मौत:मीटर रीडर को ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ाया, अचानक सप्लाई चालू कर दी; चक्काजाम किया
खंडवा के जावर में एक बिजलीकर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। वह ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा हुआ था, इसी दौरान हादसा हो गया। मामले में बिजली कंपनी के अफसरों की लापरवाही सामने आई है। आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर दिया। वे बिजली कंपनी के अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि, जावर निवासी जितेंद्र सराठे आउटसोर्सिंग के जरिए एमपीईबी में मीटर रीडर के पद पर हैं। लेकिन जितेंद्र से लाइनमैन का काम कराया जा रहा था। गुरुवार को भी उसे सांवखेड़ा रोड स्थित ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा दिया गया। ट्रांसफॉर्मर मेंटेनेंस के लिए उसे परमिट दिया गया था। लेकिन अचानक लाइट चालू करा दी गई। करंट की चपेट में आने से जितेंद्र की मौत हो गई। मूंदी-खंडवा हाईवे पर चक्का जाम किया
इधर, ग्रामीणों ने मूंदी-खंडवा हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। पोस्टमार्टम से पहले ग्रामीणों ने कहा कि पहले जितेंद्र के परिवार वालों को आर्थिक सहायता के मामले में बात की करेंगे। काफी देर विरोध प्रदर्शन के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों को बुलाया गया। कई घंटे तक चली बातचीत के बाद आपसी समन्वय बन पाया।
खंडवा के जावर में एक बिजलीकर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। वह ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा हुआ था, इसी दौरान हादसा हो गया। मामले में बिजली कंपनी के अफसरों की लापरवाही सामने आई है। आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर दिया। वे बिजली कंपनी के अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि, जावर निवासी जितेंद्र सराठे आउटसोर्सिंग के जरिए एमपीईबी में मीटर रीडर के पद पर हैं। लेकिन जितेंद्र से लाइनमैन का काम कराया जा रहा था। गुरुवार को भी उसे सांवखेड़ा रोड स्थित ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा दिया गया। ट्रांसफॉर्मर मेंटेनेंस के लिए उसे परमिट दिया गया था। लेकिन अचानक लाइट चालू करा दी गई। करंट की चपेट में आने से जितेंद्र की मौत हो गई। मूंदी-खंडवा हाईवे पर चक्का जाम किया
इधर, ग्रामीणों ने मूंदी-खंडवा हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। पोस्टमार्टम से पहले ग्रामीणों ने कहा कि पहले जितेंद्र के परिवार वालों को आर्थिक सहायता के मामले में बात की करेंगे। काफी देर विरोध प्रदर्शन के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों को बुलाया गया। कई घंटे तक चली बातचीत के बाद आपसी समन्वय बन पाया।