एकलव्य छात्रावास के स्टूडेंट्स वॉर्डन के खिलाफ सड़क पर उतरे:बड़वानी कलेक्टर से मिलने पहुंचे, गेट पर रोका; वॉर्डन ने आरोपों को नकारा
एकलव्य छात्रावास के स्टूडेंट्स वॉर्डन के खिलाफ सड़क पर उतरे:बड़वानी कलेक्टर से मिलने पहुंचे, गेट पर रोका; वॉर्डन ने आरोपों को नकारा
बड़वानी जिला मुख्यालय स्थित शासकीय एकलव्य छात्रावास के छात्र-छात्राएं वार्डन को हटाने की मांग लेकर सड़कों पर उतर आए। शुक्रवार सुबह छात्रावास से कलेक्टर कार्यालय तक 500 मीटर की पैदल दूरी तय कर पहुंचे छात्रों ने मार्च के दौरान 'वॉर्डन हटाओ, अनियमितताओं पर लगाम लगाओ' के नारे लगाए। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में कई अनियमितताएं हो रही हैं। वॉर्डन मनमानी कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन छात्रों को समझाने में असफल रहे। कलेक्टर से मिलने पर अड़े छात्र छात्रा पीसी बडोले ने बताया कि छात्रावास में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। खाना अच्छा नहीं मिलता है। वॉर्डन की ओर से जातिसूचक शब्द बोले जाते हैं। छात्रावास में आवश्यक सामग्री भी नहीं मिलती। छात्र-छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर वॉर्डन नितिशा वर्मा को नहीं हटाया गया तो वे चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि काफी समय से हमें प्रताड़ित करती है। अधिकारी हमसे मिलने आए हैं, हम इनसे बात नहीं करना चाहते। कलेक्टर से मिलकर ही जाएंगे। जब तक कलेक्टर मिलने नहीं आते, यहीं सड़क पर बैठकर धरना देते रहेंगे। सभी प्रदर्शनकारी छात्र-छात्रा आदिवासी वर्ग से हैं। इन्हें एकलव्य योजना के तहत बेहतर शिक्षा का वादा किया गया था। अब प्रशासन से इन छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई की प्रतीक्षा है। वॉर्डन ने आरोपों को नकारा छात्रावास अधीक्षिका नितिशा वर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा, "कुछ दिनों पूर्व मैंने कुछ छात्राओं से मोबाइल जब्त किए थे। उसी का बदला निकालकर ये मुझे हटाना चाहते हैं। मैंने बच्चों को कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोले हैं। मैं हमेशा एक मां की तरह बच्चों के साथ रही हूं। इनके द्वारा लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं।"
बड़वानी जिला मुख्यालय स्थित शासकीय एकलव्य छात्रावास के छात्र-छात्राएं वार्डन को हटाने की मांग लेकर सड़कों पर उतर आए। शुक्रवार सुबह छात्रावास से कलेक्टर कार्यालय तक 500 मीटर की पैदल दूरी तय कर पहुंचे छात्रों ने मार्च के दौरान 'वॉर्डन हटाओ, अनियमितताओं पर लगाम लगाओ' के नारे लगाए। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में कई अनियमितताएं हो रही हैं। वॉर्डन मनमानी कर रही हैं। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन छात्रों को समझाने में असफल रहे। कलेक्टर से मिलने पर अड़े छात्र छात्रा पीसी बडोले ने बताया कि छात्रावास में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। खाना अच्छा नहीं मिलता है। वॉर्डन की ओर से जातिसूचक शब्द बोले जाते हैं। छात्रावास में आवश्यक सामग्री भी नहीं मिलती। छात्र-छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर वॉर्डन नितिशा वर्मा को नहीं हटाया गया तो वे चक्का जाम करेंगे। उन्होंने कहा कि काफी समय से हमें प्रताड़ित करती है। अधिकारी हमसे मिलने आए हैं, हम इनसे बात नहीं करना चाहते। कलेक्टर से मिलकर ही जाएंगे। जब तक कलेक्टर मिलने नहीं आते, यहीं सड़क पर बैठकर धरना देते रहेंगे। सभी प्रदर्शनकारी छात्र-छात्रा आदिवासी वर्ग से हैं। इन्हें एकलव्य योजना के तहत बेहतर शिक्षा का वादा किया गया था। अब प्रशासन से इन छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई की प्रतीक्षा है। वॉर्डन ने आरोपों को नकारा छात्रावास अधीक्षिका नितिशा वर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा, "कुछ दिनों पूर्व मैंने कुछ छात्राओं से मोबाइल जब्त किए थे। उसी का बदला निकालकर ये मुझे हटाना चाहते हैं। मैंने बच्चों को कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोले हैं। मैं हमेशा एक मां की तरह बच्चों के साथ रही हूं। इनके द्वारा लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं।"