सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता.

Surguja

सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता.

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार ने सरगुजा और बस्तर के विकास पर अपना मुख्य फोकस रखा है। प्राधिकरण गठन के साथ महत्वपूर्ण कार्यों के माध्यम से पिछड़े क्षेत्र को विकास से जोड़ा जा रहा है। सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के माध्यम से सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए हमारी सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से सरगुजा क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुँचाएंगे।
मुख्यमंत्री एवं सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक बैकुंठपुर जिला पंचायत के मंथन सभाकक्ष में संपन्न हुई, जिसमें सरगुजा संभाग के जिलों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर आगामी वित्तीय वर्ष के लिए नई योजनाओं को मंजूरी दी गई तथा विभिन्न चल रहे कार्यों की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 5000 लाख रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वीकृत सभी कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए तथा लंबित कार्यों को मार्च माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
प्राधिकरण की पूर्व बैठक के पालन-प्रतिवेदन के संबंध में बताया गया कि पर्यटन विकास को भी प्रमुखता दी गई है। जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैंप को क्षेत्र का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के लिए 40 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को स्वीकृत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा 5 फरवरी 2026 को इन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन संपन्न किया जा चुका है, जिसके बाद अब तेजी से कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं।
बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत 12 समूह जल प्रदाय योजनाओं के अनुबंध निरस्त किए गए हैं तथा एक मुख्य अभियंता और आठ कार्यपालन अभियंताओं को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच आरंभ कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने गर्मी के दिनों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि जंगली हाथियों के हमलों से प्रभावित लोगों की सहायता के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मकान क्षति की क्षतिपूर्ति राशि को 18 नवंबर 2024 के आदेश के अनुसार बढ़ा दिया गया है, जबकि अन्य मुआवजा मदों की दरों में वृद्धि के लिए विभागीय परीक्षण जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथी-द्वंद्व प्रभावित परिवारों को त्वरित और पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को मुआवजा राशि में वृद्धि हेतु आवश्यक प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
प्राधिकरण की बैठक में विद्युतीकरण कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड के गांवों में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य तेज गति से जारी है। वहीं, जशपुर जिले में अत्यधिक बिजली बिलों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 568 त्रुटिपूर्ण बिलों का सुधार किया गया।
इसके अतिरिक्त धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राधिकरण के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी हो सके। बैठक में प्राधिकरण मद से वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक स्वीकृत कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा हुई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर सहित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, जिससे विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुँचे और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिल सके।

*जनप्रतिनिधियों के सुझाव और शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश*

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सुझाव के साथ शिकायतें भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राप्त सुझाव और शिकायतों का परीक्षण करने तथा इसे गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की बात कही। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने वनांचल क्षेत्रों में विद्युतीकरण, हाथी-प्रभावित क्षेत्रों में हाथी-विचरण के दौरान विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहने, हाथी से फसलों एवं संपत्ति को हुए नुकसान पर मुआवजा राशि बढ़ाने, जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य अपूर्ण होने, जल स्रोत से पानी उपलब्ध कराने, ग्रामीण सड़कों में भारी वाहन संचालित होने से सड़क को नुकसान होने, लुंड्रा, बतौली, प्रतापपुर क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन बढ़ने के कारण गन्ना मिल प्रारंभ करने, मजदूरों के लंबित भुगतान करने, त्रुटिपूर्ण बिजली बिलों को सुधारने के संबंध में सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने हाथी आदि से हुए नुकसान पर मुआवजा राशि बढ़ाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने, हाथी-प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, गन्ना मिल को प्रारंभ करने और गन्ना उत्पादक किसानों की समस्याओं को दूर करने, उन्हें मजदूरी भुगतान करने, बिजली उपभोक्ताओं के बिल संबंधी त्रुटियों को दूर करने की दिशा में कार्यवाही प्रचलित होने और आने वाले दिनों में बड़ा निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण, बिजली तार बिछाकर मछली मारने, वन्यजीव सहित मानव को नुकसान पहुँचाने वालों पर कड़ी कार्यवाही की बात कही।

*प्राधिकरण की बैठक से बढ़ रही है जिलों की पहचान : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में कहा कि सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक विगत वर्ष जशपुर जिले के मयाली में की गई थी। बैठक के पश्चात मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में होने लगी है। विश्व के बड़े शिवलिंग को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला और स्वदेश दर्शन योजना के तहत 9 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई। बैठक की सार्थकता रही कि मयाली की पहचान बढ़ गई है और बाहर के पर्यटक आने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि आज प्राधिकरण की दूसरी बैठक बैकुंठपुर में हुई है। यहाँ पहली बार झुमका जलाशय को क्रूज के माध्यम से देखने का अवसर मिला। मंत्रीगण सहित सभी अधिकारी भी आए। यहाँ भी पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। इस तरह अलग-अलग जिलों में बैठक होने का लाभ जिले को मिलता है।
इस दौरान जिले के कृषि एवं प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री चिंतामणी महराज, विधायक श्री भइयालाल राजवाड़े, विधायकगण श्री भूलन सिंह मरावी, श्री प्रमोद मिंज, श्रीमती शकुंतला पोर्ते, श्रीमती बुद्धेश्वरी पैकरा, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री एस. बासव राजू, संभागायुक्त श्री देवलाल दुग्गा, आईजी श्री दीपका झा, जिला पंचायतों के अध्यक्ष, कलेक्टर-एसपी तथा जिला पंचायत के सीईओ भी उपस्थित रहे।