केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज ऐतिहासिक विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व और मुरिया दरबार में.

Muria Darbar

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज ऐतिहासिक विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व और मुरिया दरबार में.

केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह आज ऐतिहासिक विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व और मुरिया दरबार में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लालबाग में आयोजित विशाल आमसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 75 दिनों तक मनाए जाने वाला बस्तर दशहरा पर्व न सिर्फ बस्तर या प्रदेश की, बल्कि विश्व की अनोखी परम्परा है जो कि वैश्विक धरोहर है। इस अवसर पर श्री शाह ने बस्तर को 31 मार्च 2026 तक मुक्त करने के संकल्प को दोहराया।
आज अपराह्न लालबाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने कहा कि यहां आने से पहले मां दंतेश्वरी के मंदिर जाकर माता से इतनी शक्ति मांगी कि बस्तर सहित पूरे देश को लाल आतंक से समूल मुक्त हो जाए। उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि गुमराह होकर माओवाद से जुड़ने वाले बच्चों को विकास की मुख्यधारा में जुड़ने की समझाइश दें। बस्तर ओलम्पिक, बस्तर पंडुम जैसे कार्यक्रम आयोजित कर लगातार केन्द्र और राज्य सरकार सकारात्मक पहल कर रही हैं। देश के सर्वोच्च पद पर प्रधानमंत्री ने आदिवासी बेटी सुश्री द्रोपदी मुर्मू को आसीन किया। केन्द्रीय गृहमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश भर में स्वेदशी का जन आंदोलन चलाया जा रहा है। स्वदेशी और घरेलू लघु उद्योगों को अपनाकर भारत को विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनाई जा सकती है। श्री शाह ने केन्द्र द्वारा जीएसटी में क्रांतिकारी संशोधन लाने पर देश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आने की बात कही। अपने उद्बोधन में केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने बताया कि बस्तर आने के बाद ही यहां की विविध प्राचीन परम्पराओं से वे अवगत हुए। यहां के आदिवासियों ने अपनी सांस्कृतिक विरासतों को अब तक सहेजकर रखा है वह अतुलनीय है। उन्होंने माओवाद मुक्त देश के संकल्प को पुनः दोहराते हुए देश को 31 मार्च 2026 तक माओवादियों को हथियार डालकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की बात कही।
बस्तर में विकास और शांति की नई सुबह : मुख्यमंत्री श्री साय
लालबाग मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय स्वदेशी मेला कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है कि देश के गृहमंत्री स्वयं विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में सम्मिलित हुए। श्री शाह ने दंतेश्वरी माई की पूजा-अर्चना कर राज्य की शांति, समृद्धि और नक्सलमुक्त भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्री शाह ने स्थानीय मांझी, चालकी, मेमरिन व्यवस्था और पारंपरिक शासन तंत्र को नज़दीक से देखा और जनजातीय समाज से संवाद कर उनकी भावनाओं को समझा। यह केंद्र और राज्य सरकार की जनसंवेदनशील शासन व्यवस्था की सशक्त मिसाल है। श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री श्री शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। बस्तर में संचालित नियद नेल्लानार योजना से ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है, वहीं महतारी वंदन योजना से 70 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री बस योजना के तहत दुर्गम क्षेत्रों में यातायात सुविधाएं सुलभ करने का प्रयास किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा संभाग के 250 गांवां के 34 रूट में बसें संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 20 महीनों में राज्य सरकार ने मोदी जी की गारंटी को धरातल पर उतारने का संकल्पपूर्वक कार्य किया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूर्णतः नक्सलमुक्त बनाया जाए, और इस दिशा में शासन दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ रहा है। इसके पहले श्री शाह, मुख्यमंत्री श्री साय सहित अन्य मंचस्थ अतिथियों ने बस्तर दशहरा पर आधारित पिक्टोरियल पोस्ट कार्ड का विमोचन किया। साथ ही महतारी वंदन योजना की 20वीं किश्त के रूप में 606 करोड़ रूपए से अधिक की राशि जारी की।
बस्तर विधायक श्री किरणदेव सिंह ने भी आमसभा को संबोधित कर केन्द्रीय गृहमंत्री के बस्तर दशहरा में सम्मिलित होने पर आभार जताया। कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री केदार कश्यप, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री राजेश अग्रवाल सहित बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम के अलावा वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगण कार्यक्रम में उपस्थित थे।